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UP: सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में दिखा लघु भारत...हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प, यूं आगे बढ़ रहा कारवां
Fri, 14 Nov 2025 12:59 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
धर्मेंद्र यादव, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, मथुरा
धर्मेंद्र यादव, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 14 Nov 2025 12:59 PM IST
सार
सनातन हिंदू एकता पदयात्रा में देश के लगभग हर प्रांत से लोग शामिल हैं मगर भाषा की बाधाओं से परे सब मिलजुलकर आगे बढ़े चले जा रहे हैं। कोसीकलां मंडी के पड़ाव स्थल पर तो लघु भारत का नजारा दिखाई दिया। भगवा ध्वज के साथ सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प ही मानो उनका उद्देश्य हो। अधिकांश पदयात्रियों का कहना था कि वह सनातन धर्म की मजबूती और एकता के लिए यहां आए हैं।
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सनातन हिंदू एकता पदयात्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोसीकलां के पड़ाव स्थल पर असम के गोपी मोहन सिन्हा का कहना था कि वह पांच लोगों के साथ आए हैं। सनातन धर्म की रक्षा और एकता के साथ ही हिंदू राष्ट्र का सपना भी पूरा होना चाहिए। ओडिसा के नामदेव महतो हिंदी बोल नहीं पाए मगर जय श्रीराम बोलकर अपना इरादा जाहिर कर दिया। दिल्ली के सचिन का कहना था कि अब बंटना नहीं है, जातिभेद खत्म होना चाहिए। हम सब हिंदू हैं।
गोरखपुर के संजीत तिवारी बतातेहैं कि गोमाता के लिए कानून बने, हिंदू राष्ट्र घोषित हो हमारा देश, इसलिए शामिल हुए। बागपत के पवन शर्मा का कहना था कि एकता में ही शक्ति है। हिंदुओं को जातियों से ऊपर उठना चाहिए। अब हम सभी असम, बिहार, बंगाल, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, यूपी के लोगों के साथ चल रहे हैं। किसी ने हमसे जाति नहीं पूछी तो हम सब सनातनी हैं। सनातन ही हमारा राष्ट्र बने।
नेपाल से आईं नंदरानी चौधरी व शंभूबाई का कहना था कि हमारे लिए हिंदू धर्म पहले हैं, हम नेपाली को भारत से अलग नहीं मानते। पंजाब से आईं सिमरनजीत ने कहा कि वह पूरे परिवार के साथ आई हैं। फरीदाबाद से शामिल हुई हैं। बाबा बागेश्वर धाम सनानत धर्म को विश्व में ऊंचा उठाने का काम कर रहे हैं। उनके साथ आए हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को जातियों से बाहर निकालने के लिए भी बाबा ने कहा है। जातियों से बाहर निकलकर ही हम सनातन धर्म को मजबूत कर पाएंगे।
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हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए श्री बांके बिहारी पर चढ़ाएं
छतरपुर के रहने वाले मुनेंद्र स्वामी हरिद्वार से कांवड़ लेकर पदयात्रा में शामिल हुए हैं। उनका कहना था कि यमुना के शुद्धीकरण के लिए उन्होंने श्री बांके बिहारी मंदिर में कांवड़ चढ़ाने का संकल्प लिया है। वह श्री बांकेबिहारी मंदिर पहुंचकर अपना संकल्प पूरा करेंगे।
हाथों में झाड़ू, नहीं चुभें पदयात्रियों को कंकड़
पदयात्रा में दिल्ली के राजू शर्मा, अजमेर की बसंती देवी सहित कई लोग हाथों में झाड़ू लेकर चल रहे थे। राजूु ने बताया कि पदयात्रा के दौरान कई जगह रास्तों में कंकड़, पत्थर होते हैं। सैकड़ों पदयात्री नंगे पैर चल रहे हैं। उनकी राह को साफ सुथरा बनाने के लिए झाड़ू लेकर चल रहे हैं।
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गोरखपुर के संजीत तिवारी बतातेहैं कि गोमाता के लिए कानून बने, हिंदू राष्ट्र घोषित हो हमारा देश, इसलिए शामिल हुए। बागपत के पवन शर्मा का कहना था कि एकता में ही शक्ति है। हिंदुओं को जातियों से ऊपर उठना चाहिए। अब हम सभी असम, बिहार, बंगाल, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, यूपी के लोगों के साथ चल रहे हैं। किसी ने हमसे जाति नहीं पूछी तो हम सब सनातनी हैं। सनातन ही हमारा राष्ट्र बने।
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नेपाल से आईं नंदरानी चौधरी व शंभूबाई का कहना था कि हमारे लिए हिंदू धर्म पहले हैं, हम नेपाली को भारत से अलग नहीं मानते। पंजाब से आईं सिमरनजीत ने कहा कि वह पूरे परिवार के साथ आई हैं। फरीदाबाद से शामिल हुई हैं। बाबा बागेश्वर धाम सनानत धर्म को विश्व में ऊंचा उठाने का काम कर रहे हैं। उनके साथ आए हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को जातियों से बाहर निकालने के लिए भी बाबा ने कहा है। जातियों से बाहर निकलकर ही हम सनातन धर्म को मजबूत कर पाएंगे।
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हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए श्री बांके बिहारी पर चढ़ाएं
छतरपुर के रहने वाले मुनेंद्र स्वामी हरिद्वार से कांवड़ लेकर पदयात्रा में शामिल हुए हैं। उनका कहना था कि यमुना के शुद्धीकरण के लिए उन्होंने श्री बांके बिहारी मंदिर में कांवड़ चढ़ाने का संकल्प लिया है। वह श्री बांकेबिहारी मंदिर पहुंचकर अपना संकल्प पूरा करेंगे।
हाथों में झाड़ू, नहीं चुभें पदयात्रियों को कंकड़
पदयात्रा में दिल्ली के राजू शर्मा, अजमेर की बसंती देवी सहित कई लोग हाथों में झाड़ू लेकर चल रहे थे। राजूु ने बताया कि पदयात्रा के दौरान कई जगह रास्तों में कंकड़, पत्थर होते हैं। सैकड़ों पदयात्री नंगे पैर चल रहे हैं। उनकी राह को साफ सुथरा बनाने के लिए झाड़ू लेकर चल रहे हैं।