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Mathura News: लिपिक की गलती से 900 से अधिक शिक्षकों का वेतन अटका
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मथुरा। शिक्षा विभाग की लापरवाही ने सैकड़ों शिक्षकों को परेशानी में डाल दिया है। विभागीय लिपिक की एक छोटी-सी गलती के कारण 900 से अधिक शिक्षकों के खाते में वेतन नहीं पहुंच पाया, जबकि दूसरी ओर कुछ शिक्षकों के खाते में दो बार वेतन ट्रांसफर हो गया। इस गड़बड़ी से शिक्षक हताश हैं और समाधान के लिए रोजाना बीएसए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में अनियमितताएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं है। अब नया मामला वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक से जुड़ा है। एनपीएस और नॉन एनपीएस शिक्षकों का अगस्त माह का वेतन 1 सितंबर को जारी हो गया था, लेकिन जिले के जीपीएफ वाले 900 से अधिक शिक्षकों का वेतन लेखाधिकारी कार्यालय की गलती की वजह से अन्य शिक्षकों के खातों में ट्रांसफर हो गया। इतना ही नहीं किसी किसी शिक्षक के खाते में तो वेतन दो बार ट्रांसफर हो गया। इसकी जानकारी शिक्षकों ने तुरंत ही लेखाधिकारी बेसिक कार्यालय को दी।
पता चला कि जीपीएफ वाले शिक्षकों का वेतन उनके अपने खातों में ट्रांसफर न होकर अन्य शिक्षकों के खातों में चला गया। आननफानन क्रेडिट स्टेटस निकाला गया, तो पता चला कि 900 से शिक्षकों के खाते में वेतन पहुंचा ही नहीं है। उनका वेतन दूसरे शिक्षकों के खाते में चला गया है।
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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के ब्लाॅक राया अध्यक्ष गोवर्धन दास गुप्ता ने कहा कि शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से परिवार चलाने में दिक्कत आ रही है। वेतन हर माह की 1 तारीख को आ जाता था, लेकिन एक गलती से वेतन रुक गया।
वर्जन
कार्यालय के लिपिक की गलती से शिक्षकों के खाते में दो बार वेतन पहुंच गया, जबकि दूसरे शिक्षकों के खाते में वेतन नहीं पहुंच पाया था। जिन शिक्षकों के खातों में अतिरिक्त वेतन पहुंच गया था उसका ड्राफ्ट बैंक से वापस मंगा लिया है। जल्द ही सभी शिक्षकों का वेतन खाते में पहुंच जाएगा।
- शैलेंद्र सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक।
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बेसिक शिक्षा विभाग में अनियमितताएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं है। अब नया मामला वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक से जुड़ा है। एनपीएस और नॉन एनपीएस शिक्षकों का अगस्त माह का वेतन 1 सितंबर को जारी हो गया था, लेकिन जिले के जीपीएफ वाले 900 से अधिक शिक्षकों का वेतन लेखाधिकारी कार्यालय की गलती की वजह से अन्य शिक्षकों के खातों में ट्रांसफर हो गया। इतना ही नहीं किसी किसी शिक्षक के खाते में तो वेतन दो बार ट्रांसफर हो गया। इसकी जानकारी शिक्षकों ने तुरंत ही लेखाधिकारी बेसिक कार्यालय को दी।
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पता चला कि जीपीएफ वाले शिक्षकों का वेतन उनके अपने खातों में ट्रांसफर न होकर अन्य शिक्षकों के खातों में चला गया। आननफानन क्रेडिट स्टेटस निकाला गया, तो पता चला कि 900 से शिक्षकों के खाते में वेतन पहुंचा ही नहीं है। उनका वेतन दूसरे शिक्षकों के खाते में चला गया है।
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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के ब्लाॅक राया अध्यक्ष गोवर्धन दास गुप्ता ने कहा कि शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने से परिवार चलाने में दिक्कत आ रही है। वेतन हर माह की 1 तारीख को आ जाता था, लेकिन एक गलती से वेतन रुक गया।
वर्जन
कार्यालय के लिपिक की गलती से शिक्षकों के खाते में दो बार वेतन पहुंच गया, जबकि दूसरे शिक्षकों के खाते में वेतन नहीं पहुंच पाया था। जिन शिक्षकों के खातों में अतिरिक्त वेतन पहुंच गया था उसका ड्राफ्ट बैंक से वापस मंगा लिया है। जल्द ही सभी शिक्षकों का वेतन खाते में पहुंच जाएगा।
- शैलेंद्र सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक।