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Mathura News: आश्रम पर कर लगाने का संतों ने किया विरोध
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श्रोतमुनि आश्रम में संत समाज ने बैठक कर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन। मथुरा-वृंदावन नगर निगम द्वारा आश्रमों पर लगाए गए करों के विरोध में संत समाज ने गांधी मार्ग स्थित श्रोतमुनि आश्रम में बैठक की गई। संत, महंतों ने आश्रमों पर लगाए गए लाखों रुपये के कर पर रोष व्यक्त किया। साथ ही बंदरों की समस्या और सफाई अव्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। संतों ने एक स्वर में आंदोलन की चेतावनी देते हुए 15 दिन में समस्याओं के निदान की मांग की है।
महामंडलेश्वर भास्करानंद महाराज ने कहा कि नगर निगम द्वारा आश्रमों पर लाखों रुपये का कर थोपा जा रहा है। संतजन कर भार को अदा करने सक्षम नहीं है। उन्होंने बताया कि बड़ा रास मंडल आश्रम का 25 लाख रुपये का कर भार नगर निगम द्वारा लगाया गया है, जबकि यह भजन साधना का केंद्र है। नगर निगम को आश्रमों पर कर भार डालने से पहले विचार करना चाहिए। पूर्व की भांति कर निर्धारण होना चाहिए। उन्होंने बंदरों की समस्या, सफाई अव्यवस्था पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई। महामंडेश्वर नवलगिरि महाराज ने भी विचार रखे।
महंत गंगादास महाराज ने कहा कि संतों का कोई व्यवसाय नहीं है। बैठक में टीम के साथ पहुंचे नगर निगम के कर अधीक्षक हरेकृष्ण गुप्ता ने कहा कि सर्वे के अनुसार भवनों, आश्रमों का कर निर्धारण हुआ है। कर को लेकर जो भी आपत्तियां आ रही हैं, उसका निदान किया जा रहा है। बैठक में महंत ब्रजकिशोर दास, महंत फूलडोल बिहारी दास, महंत प्रियाशरण दास, महंत सच्चिदानंद महाराज, महंत सुरेशानंद महाराज, बिहारी लाल वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
वृंदावन। मथुरा-वृंदावन नगर निगम द्वारा आश्रमों पर लगाए गए करों के विरोध में संत समाज ने गांधी मार्ग स्थित श्रोतमुनि आश्रम में बैठक की गई। संत, महंतों ने आश्रमों पर लगाए गए लाखों रुपये के कर पर रोष व्यक्त किया। साथ ही बंदरों की समस्या और सफाई अव्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। संतों ने एक स्वर में आंदोलन की चेतावनी देते हुए 15 दिन में समस्याओं के निदान की मांग की है।
महामंडलेश्वर भास्करानंद महाराज ने कहा कि नगर निगम द्वारा आश्रमों पर लाखों रुपये का कर थोपा जा रहा है। संतजन कर भार को अदा करने सक्षम नहीं है। उन्होंने बताया कि बड़ा रास मंडल आश्रम का 25 लाख रुपये का कर भार नगर निगम द्वारा लगाया गया है, जबकि यह भजन साधना का केंद्र है। नगर निगम को आश्रमों पर कर भार डालने से पहले विचार करना चाहिए। पूर्व की भांति कर निर्धारण होना चाहिए। उन्होंने बंदरों की समस्या, सफाई अव्यवस्था पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई। महामंडेश्वर नवलगिरि महाराज ने भी विचार रखे।
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महंत गंगादास महाराज ने कहा कि संतों का कोई व्यवसाय नहीं है। बैठक में टीम के साथ पहुंचे नगर निगम के कर अधीक्षक हरेकृष्ण गुप्ता ने कहा कि सर्वे के अनुसार भवनों, आश्रमों का कर निर्धारण हुआ है। कर को लेकर जो भी आपत्तियां आ रही हैं, उसका निदान किया जा रहा है। बैठक में महंत ब्रजकिशोर दास, महंत फूलडोल बिहारी दास, महंत प्रियाशरण दास, महंत सच्चिदानंद महाराज, महंत सुरेशानंद महाराज, बिहारी लाल वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
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