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Mathura News: धुएं में उड़ाए नियम, जली पराली, चार प्रधान व सचिवों को नोटिस
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मथुरा। जिला प्रशासन की सख्ती के बाद भी किसान पराली जलाने वाले नियम को धुएं में उड़ा रहे हैं। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव भी अंकुश लगाने में अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे ही लापरवाही बरतने पर डीएम चंद्रप्रकाश सिंह के आदेश पर डीपीआरओ ने पांच ग्राम पंचातयों के प्रधान व सचिवों को नोटिस भेजकर तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।
बीते दिनों डीएम ने बैठक कर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को पराली जलाने पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। बताया गया था कि कई गांवों के खेतों में पराली जलाने से वातावरण में धुंआ फैल रहा है, जिससे वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। इसके बाद भी ग्राम प्रधान व सचिवों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न तो निगरानी के लिए कमेटी बनाई और न ही निर्धारित प्रचार-प्रसार कराया।
डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि सैटेलाइट की मदद से ऐसी ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया और प्रधान व सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसमें चौमुंहा के पाली ग्राम पंचायत, बझेड़ा, गोवर्धन की पाली डूंगरा, पलसो और नौहझील की सुरीर कलां शामिल हैं। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने की अपील की है।
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बीते दिनों डीएम ने बैठक कर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को पराली जलाने पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। बताया गया था कि कई गांवों के खेतों में पराली जलाने से वातावरण में धुंआ फैल रहा है, जिससे वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। इसके बाद भी ग्राम प्रधान व सचिवों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। न तो निगरानी के लिए कमेटी बनाई और न ही निर्धारित प्रचार-प्रसार कराया।
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डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि सैटेलाइट की मदद से ऐसी ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया और प्रधान व सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इसमें चौमुंहा के पाली ग्राम पंचायत, बझेड़ा, गोवर्धन की पाली डूंगरा, पलसो और नौहझील की सुरीर कलां शामिल हैं। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने की अपील की है।
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