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रिवर फ्रंट योजना का विकास कार्य रोका
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 01 Dec 2016 12:10 AM IST
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रिवर फ्रंट विकास योजना
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मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना का कार्य आगामी दिनों के लिए रोक दिया गया है। इसके पीछे हाईकोर्ट और एनजीटी का सख्त रुख होना माना जा रहा है। अधिकारियों के आदेश पर दोपहर बाद कार्यदायी संस्थाओं ने कार्य को स्थगित कर दिया है।
वृंदावन में केशीघाट से जुगलघाट तक प्रस्तावित यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना से घाटों को पहुंच रही क्षति और यमुना के हालातों पर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद बुधवार सुबह कार्य शुरू हुआ।
कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने यमुना किनारे यमुना में शीटपाइलिंग का कार्य किया। दोपहर तीन बजे तक 32 शीटपाइलिंग कीं। तभी अधिकारियों का आदेश आने के बाद विकास कार्य रोक दिए गए। अजय त्रिपाठी ने बताया कि हमें जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों का आदेश मिला था, इसलिए कार्य रोक दिया गया है।
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हाईकोर्ट ने डीएम को जारी किया अवमानना का नोटिस
यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के अंतर्गत मौजा वृंदावन खादर में जुगलघाट पर राजकिशोर गोस्वामी की निजी भूमि पर बिना भू स्वामी की अनुमति के यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा शीटपाइलिंग कर नाला निर्माण का कार्य कराया गया। नगरपालिका परिषद ने भी इस भूमि पर बोरिंग कर एक नलकूप लगवा दिया।
इसके बाद राजकिशोर गोस्वामी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में डीएम मथुरा को प्रतिवादी बनाते हुए एक याचिका दायर की। जिसके बाद हाईकोर्ट ने एक जुलाई 2016 को निषेधाज्ञा जारी की।
25 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने अवमानना आदेश भी पारित किया। बावजूद इसके संबंधित विभागों ने कार्य को जारी रखा। इस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए डीएम मथुरा को अवमानना का नोटिस जारी कर 22 दिसंबर को अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं।
धर्म रक्षा संघ और यमुना रक्षक दल बनेंगे एजजीटी में पक्षकार
यमुना रिवर फ्रंट परियोजना की सफलता के लिए धर्म रक्षा संघ की बैठक में संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश ने कहा कि सरकारी नौकरशाही की लापरवाही के चलते विकास विरोधियों की योजनाएं सफल होती रहीं।
अध्यक्ष सौरभ गौड़, रमन बिहारी गौतम ने भी विचार रखे। यमुना रक्षक दल के अध्यक्ष श्रीदास प्रजापति और उदयन शर्मा ने कहा कि दल शीघ्र ही एनजीटी में पक्षकार बनेगा। बैठक में स्वामी चित्तप्रकाशानंद, रामदेवानंद सरस्वती, विष्णुकांत शर्मा, भुवनेश्वर शर्मा, जगदीश शर्मा गुरुजी, आचार्य रामनिहोर त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।
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वृंदावन में केशीघाट से जुगलघाट तक प्रस्तावित यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना से घाटों को पहुंच रही क्षति और यमुना के हालातों पर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद बुधवार सुबह कार्य शुरू हुआ।
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कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने यमुना किनारे यमुना में शीटपाइलिंग का कार्य किया। दोपहर तीन बजे तक 32 शीटपाइलिंग कीं। तभी अधिकारियों का आदेश आने के बाद विकास कार्य रोक दिए गए। अजय त्रिपाठी ने बताया कि हमें जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों का आदेश मिला था, इसलिए कार्य रोक दिया गया है।
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हाईकोर्ट ने डीएम को जारी किया अवमानना का नोटिस
यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के अंतर्गत मौजा वृंदावन खादर में जुगलघाट पर राजकिशोर गोस्वामी की निजी भूमि पर बिना भू स्वामी की अनुमति के यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा शीटपाइलिंग कर नाला निर्माण का कार्य कराया गया। नगरपालिका परिषद ने भी इस भूमि पर बोरिंग कर एक नलकूप लगवा दिया।
इसके बाद राजकिशोर गोस्वामी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में डीएम मथुरा को प्रतिवादी बनाते हुए एक याचिका दायर की। जिसके बाद हाईकोर्ट ने एक जुलाई 2016 को निषेधाज्ञा जारी की।
25 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने अवमानना आदेश भी पारित किया। बावजूद इसके संबंधित विभागों ने कार्य को जारी रखा। इस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए डीएम मथुरा को अवमानना का नोटिस जारी कर 22 दिसंबर को अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं।
धर्म रक्षा संघ और यमुना रक्षक दल बनेंगे एजजीटी में पक्षकार
यमुना रिवर फ्रंट परियोजना की सफलता के लिए धर्म रक्षा संघ की बैठक में संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश ने कहा कि सरकारी नौकरशाही की लापरवाही के चलते विकास विरोधियों की योजनाएं सफल होती रहीं।
अध्यक्ष सौरभ गौड़, रमन बिहारी गौतम ने भी विचार रखे। यमुना रक्षक दल के अध्यक्ष श्रीदास प्रजापति और उदयन शर्मा ने कहा कि दल शीघ्र ही एनजीटी में पक्षकार बनेगा। बैठक में स्वामी चित्तप्रकाशानंद, रामदेवानंद सरस्वती, विष्णुकांत शर्मा, भुवनेश्वर शर्मा, जगदीश शर्मा गुरुजी, आचार्य रामनिहोर त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।