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सेवायत पर 1, 40, 000 का जुर्माना
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Wed, 21 Jan 2015 12:14 AM IST
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बांकेबिहारी मंदिर में आए दिन परंपराओं को तोड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। मंगलवार शाम सेवायत द्वारा सात श्रद्धालुओं को जगमोहन में लगे कटघरे के अंदर से दर्शन कराकर परंपरा तोड़ने का मामला सामने आया है। स्वार्थ के चलते आए दिन टूटती परंपराओं को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने सेवायत पर जुर्माना लगाया है। सात दिन में जुर्माना न भरने पर सुविधाएं समाप्त करने की चेतावनी दी है।
शयनभोग के सेवायत सुमित गोस्वामी पर आरोप है कि मंगलवार की शाम 5:10 बजे से 5:15 बजे तक मंदिर में जगमोहन में लगे कटघरे के अंदर से सात श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। शाम के समय मंदिर के पट बंद होने के बाद बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष की ओर से सेवायत को नोटिस जारी करते हुए 20,000 रुपये प्रत्येक श्रद्धालु के हिसाब से 1,40,000 रुपये का अर्थ दंड लगाया गया है।
प्रबंधन की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिन में सेवायत ने दंड की रकम जमा नहीं की तो मंदिर की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं समाप्त कर दी जाएंगी। प्रबंध समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने बताया कि यदि मंदिर के इस सेवायत द्वारा कई बार परंपराओं को तोड़ा गया, कई बार मंदिर प्रबंध समिति की मौखिक और लिखित सूचना के बाद भी सेवायत ने परंपराओं का ध्यान नहीं रखा। उन्होंने कहा कि आए दिन टूटने वाली मंदिर की परंपराओं को देखते हुए इस बार दंड लगाया है। याद रहे कि सात जनवरी को भी एक सेवायत ने जगमोहन से दो श्रद्धालुओं को दर्शन कराए थे।
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शयनभोग के सेवायत सुमित गोस्वामी पर आरोप है कि मंगलवार की शाम 5:10 बजे से 5:15 बजे तक मंदिर में जगमोहन में लगे कटघरे के अंदर से सात श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। शाम के समय मंदिर के पट बंद होने के बाद बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष की ओर से सेवायत को नोटिस जारी करते हुए 20,000 रुपये प्रत्येक श्रद्धालु के हिसाब से 1,40,000 रुपये का अर्थ दंड लगाया गया है।
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प्रबंधन की ओर से चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिन में सेवायत ने दंड की रकम जमा नहीं की तो मंदिर की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं समाप्त कर दी जाएंगी। प्रबंध समिति के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने बताया कि यदि मंदिर के इस सेवायत द्वारा कई बार परंपराओं को तोड़ा गया, कई बार मंदिर प्रबंध समिति की मौखिक और लिखित सूचना के बाद भी सेवायत ने परंपराओं का ध्यान नहीं रखा। उन्होंने कहा कि आए दिन टूटने वाली मंदिर की परंपराओं को देखते हुए इस बार दंड लगाया है। याद रहे कि सात जनवरी को भी एक सेवायत ने जगमोहन से दो श्रद्धालुओं को दर्शन कराए थे।
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