{"_id":"68a1dc1db2636320a103d8b6","slug":"risk-raised-of-flood-in-mathura-2025-08-17","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: मथुरा में बाढ़ का खतरा....बढ़ने लगा यमुना का जलस्तर, गांव में घुसा पानी; डूब गईं फसलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: मथुरा में बाढ़ का खतरा....बढ़ने लगा यमुना का जलस्तर, गांव में घुसा पानी; डूब गईं फसलें
Sun, 17 Aug 2025 07:12 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 17 Aug 2025 07:12 PM IST
सार
मथुरा में रविवार शाम को यमुना का जलस्तर 165.56 मीटर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया है, जबकि चेतावनी बिंदु 165.20 मीटर पर है। नदी किनारे रहने वालों की धड़कनें बढ़ गईं हैं।
विज्ञापन
सड़क पर बह रहा यमुना का पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मथुरा में यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। रविवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार गया है। यमुना से सटे क्षेत्रों के लोगों की धड़कनें बढ़ना शुरू हो गई हैं। नौहझील क्षेत्र में करीब 10 दिन से बाढ़ जैसे हालात हैं। यमुना का पानी गांव तक पहुंच गया है। किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें डूब गई हैं। इससे पशुओं के लिए चारे का भी इंतजाम नहीं हो पा रहा है।
नौहझील-शेरगढ़ मार्ग भी कई दिनों से अवरुद्ध है। करीब दो-दो फीट पानी सड़क पर बह रहा है। पानी के तेज बहाव में भी राहगीर निकलने को मजबूर हैं। यही हाल यमुना से सटे जयसिंहपुरा, वृंदावन में यमुना खादर समेत अन्य क्षेत्रों का है। जलस्तर बढ़ने से लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने यमुना से सटी कॉलोनियों में रहने वालों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि बीते सोमवार से यमुना का जलस्तर लगातार कम हो रहा था, लेकिन शनिवार से जलस्तर फिर से बढ़ने लगा। रविवार को ताजेवाला बैराज से 1.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया और ओखला बैराज से 51 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो बीते सप्ताह से दो गुना अधिक है। वहीं गोकुल बैराज से 71 हजार क्यूसेक के करीब पानी डिस्चार्ज किया गया है। इससे बीते 24 घंटे में यमुना का जलस्तर चेतावनी बिंदु के निशान को पार कर गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नौहझील-शेरगढ़ मार्ग भी कई दिनों से अवरुद्ध है। करीब दो-दो फीट पानी सड़क पर बह रहा है। पानी के तेज बहाव में भी राहगीर निकलने को मजबूर हैं। यही हाल यमुना से सटे जयसिंहपुरा, वृंदावन में यमुना खादर समेत अन्य क्षेत्रों का है। जलस्तर बढ़ने से लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने यमुना से सटी कॉलोनियों में रहने वालों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
हालांकि बीते सोमवार से यमुना का जलस्तर लगातार कम हो रहा था, लेकिन शनिवार से जलस्तर फिर से बढ़ने लगा। रविवार को ताजेवाला बैराज से 1.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया और ओखला बैराज से 51 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो बीते सप्ताह से दो गुना अधिक है। वहीं गोकुल बैराज से 71 हजार क्यूसेक के करीब पानी डिस्चार्ज किया गया है। इससे बीते 24 घंटे में यमुना का जलस्तर चेतावनी बिंदु के निशान को पार कर गया है।
विज्ञापन
Trending Videos
रविवार शाम को 165.56 मीटर जलस्तर रिकॉर्ड किया गया है, जबकि चेतावनी बिंदु 165.20 मीटर पर है। सिंचाई विभाग अपर खंड के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि शनिवार रात से यमुना का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। बीते सोमवार को यमुना का जलस्तर लगातार घट रहा था, लेकिन ताजेवाला और ओखला बैराज से अधिक पानी छोड़ने की वजह से जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित गांवों में लगाए शिविर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तत्वावधान में डाक्टरों की टीमों द्वारा बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। टीम ने गांव अड्डा मीणा, फिरोजपुर, अड्डा जाटव, मांगलखोर, अड्डा मल्हान में शिविर लगाए। इसमें बुखार, खांसी, जुकाम, खुजली, मलेरिया आदि रोगों से पीड़ित मरीजों की जांच कर दवा वितरित की गई। सीएचसी प्रभारी डाॅ. हेमराज सिंह ने बताया प्रधानों के सहयोग से मच्छरों के प्रकोप से बचाव के लिए एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया। ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां प्रदान की गईं। शिविरों में डाॅ. रणविजय, रामबाबू, उमेश गुप्ता, प्रकाश, कृष्णबिहारी, रविंद्र, शिवकुमार, शिवम मिश्रा आदि मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित गांवों में लगाए शिविर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तत्वावधान में डाक्टरों की टीमों द्वारा बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। टीम ने गांव अड्डा मीणा, फिरोजपुर, अड्डा जाटव, मांगलखोर, अड्डा मल्हान में शिविर लगाए। इसमें बुखार, खांसी, जुकाम, खुजली, मलेरिया आदि रोगों से पीड़ित मरीजों की जांच कर दवा वितरित की गई। सीएचसी प्रभारी डाॅ. हेमराज सिंह ने बताया प्रधानों के सहयोग से मच्छरों के प्रकोप से बचाव के लिए एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया। ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां प्रदान की गईं। शिविरों में डाॅ. रणविजय, रामबाबू, उमेश गुप्ता, प्रकाश, कृष्णबिहारी, रविंद्र, शिवकुमार, शिवम मिश्रा आदि मौजूद रहे।