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Mathura News: रिफाइनरी की कांशीराम कॉलोनी में खोखे में लगी आग में जिंदा जला युवक
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संजय कुमार का फाइल फोटो
- फोटो : mathura
मथुरा। थाना रिफाइनरी की कांशीराम कॉलोनी में शनिवार की तड़के संदिग्ध परिस्थतियों में खोखे में लगी आग में युवक जिंदा जल गया।
रिफाइनरी थाना प्रभारी निरीक्षक सोनू कुमार ने बताया कि कांशीराम कॉलोनी के ब्लॉक नंबर 23 के एस-4 निवासी संजय कुमार (45) पिछले एक साल से घर पर नहीं रहता था। वह कांशीराम काॅलोनी के मोड़ पर रखे खोखे में रहता और वहीं वह सोता था। संजय के भाई कुनाल ने बताया कि शुक्रवार की रात को उनका छोटा भाई पंकज उन्हें खाना देने के लिए गया। उन्होंने खाना खाया और खोखे के अंदर सो गए।
शनिवार की तड़के तीन बजे के करीब मोड़ पर ही दूसरे खोखे के स्वामी उनके घर पर आए और बताया कि खोखे में आग लग गई है। वह दौड़ते हुए पहुंचे तो खोखा, उसके ऊपर रखा छप्पर पूरी तरह से जल चुका था। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने खोखे के अंदर से संजय कुमार का शव बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कुनाल ने बताया कि उनके भाई संजय ट्रक ड्राइवरी करते थे। दो साल पहले दुर्घटना में उनकी टांग में फैक्चर हो गया। उनका दो बार ऑपरेशन भी हो चुका है। एक सप्ताह बाद तीसरा ऑपरेशन होना था। एक साल पहले परिजन से कुछ कहासुनी होने के बाद वह कांशीराम कॉलोनी के मोड़ पर रखे खोखे में ही रहने लगे। आग किसी ने लगाई या स्वयं लगी इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।
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थाना प्रभारी ने बताया कि परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है, बावजूद आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
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रिफाइनरी थाना प्रभारी निरीक्षक सोनू कुमार ने बताया कि कांशीराम कॉलोनी के ब्लॉक नंबर 23 के एस-4 निवासी संजय कुमार (45) पिछले एक साल से घर पर नहीं रहता था। वह कांशीराम काॅलोनी के मोड़ पर रखे खोखे में रहता और वहीं वह सोता था। संजय के भाई कुनाल ने बताया कि शुक्रवार की रात को उनका छोटा भाई पंकज उन्हें खाना देने के लिए गया। उन्होंने खाना खाया और खोखे के अंदर सो गए।
शनिवार की तड़के तीन बजे के करीब मोड़ पर ही दूसरे खोखे के स्वामी उनके घर पर आए और बताया कि खोखे में आग लग गई है। वह दौड़ते हुए पहुंचे तो खोखा, उसके ऊपर रखा छप्पर पूरी तरह से जल चुका था। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने खोखे के अंदर से संजय कुमार का शव बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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कुनाल ने बताया कि उनके भाई संजय ट्रक ड्राइवरी करते थे। दो साल पहले दुर्घटना में उनकी टांग में फैक्चर हो गया। उनका दो बार ऑपरेशन भी हो चुका है। एक सप्ताह बाद तीसरा ऑपरेशन होना था। एक साल पहले परिजन से कुछ कहासुनी होने के बाद वह कांशीराम कॉलोनी के मोड़ पर रखे खोखे में ही रहने लगे। आग किसी ने लगाई या स्वयं लगी इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।
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थाना प्रभारी ने बताया कि परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है, बावजूद आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।