Mathura: पेड़ से टकराई कार, सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक की मौत; साथ में बैठे संत घायल
मथुरा में एक कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक की मौत हो गई। जबकि साथ में बैठे संत घायल हो गए। वह राजस्थान से घर लौट रहे थे।
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उत्तर प्रदेश के मथुरा में शुक्रवार को राया-सादाबाद मार्ग पर रामपुर चौराहे के समीप एक कार पेड़ से टकरा गई। हादसे में कार सवार सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक की मौत हो गई। साथ में बैठे एक संत घायल हो गए। घायल को मथुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राया थाना क्षेत्र के नंदा की गढ़ी गांव निवासी और आईटीबीपी से सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक मूलचंद्र (57) अपनी कार से सुबह दस बजे राजस्थान से गांव वापस लौट रहे थे। रामपुर चौराहे के समीप कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे में मूलचंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार सवार संत घायल हो गए। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक अजय किशोर मयफोर्स मौके पर पहुंचे। घायल संत को उपचार के लिए भर्ती कराया।
मूलचंद्र ने देहरादून में तैनाती के दौरान स्वैच्छिक सेवानिवृति ले ली थी। गांव के लोगों के अनुसार, मूलचंद्र अपने नाती गौरव की शादी में इकरामनगर, राजस्थान गए थे। शादी के बाद वह दूसरे कार्यक्रम में संत को लेकर अजानगढ़ चले गए। शुक्रवार की सुबह लौट रहे थे तभी राया सादाबाद रोड़ पर यह हादसा हो गया।
खुशियां मातम में बदलीं
गांव नंदा की गढ़ी में बाबा के हादसे में मौत के बाद नाती के विवाह की खुशियां मातम में बदल गई। गौरव के विवाह कार्यक्रम को लेकर सभी परिजन खुश थे और घर में दुल्हन के आने की खुशियां मनाई जा रही थी। लेकिन जैसे ही हादसे की खबर आयी खुशियां मातम में बदल गईं।
प्राण प्रतिष्ठा पर कराया था यज्ञ
सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक मूलचंद्र ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर गांव के मंदिर में यज्ञ भी कराया था। इसी कार्यक्रम के लिए तेजपुर विसावर निवासी संत को गांव बुला लिया था। संत ने रमणरेती में भी अपना स्थान बना रखा है। सेवानिवृत्त के बाद संत को मूलचंद्र ने अपना गुरु मान लिया था। इस कारण वह अधिक लगाव रखते थे।
कार्यक्रम के बाद नाती का विवाह होने के कारण उन्हें जाने नहीं दिया। संत को भी अपने गांव वापस जाना था लेकिन वह भी हादसे का शिकार हो गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इकलौटा बेटा अमित जयपुर में चिकित्सक है। घर में शादी का कार्यक्रम होने के कारण सभी नाते रिश्तेदार गांव में रुके हैं।