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Mathura News: रिटायर्ड जस्टिस के जांच का तरीका कर रहा है कॉरीडोर की ओर इशारा
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वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन की व्यवस्था सुदृढ़ करने और कॉरिडोर निर्माण की सरकार की मंशा पर उठे सवालों की हाईकोर्ट अपनी स्तर से जांच करा रहा है। इस जांच के बाद मंदिर और आसपास क्षेत्र के विकास की आगे की दिशा तय होगी। हाईकोर्ट के आदेश पर रिटायर्ड जस्टिस सुधीर नारायण अग्रवाल ने शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा। रिटायर्ड जस्टिस के जांच करने के तरीके से वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर का रास्ता निकलता दिख रहा है। उनके जांच करने का तरीका कारीडोर की ओर इशारा कर रहा है।
विदित है कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में भीड़ के दबाव में दो श्रद्धालुओं की मौत और 70 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में टीम गठित कर हादसे संबंधी जांच कराई गई। जांच कमेटी के अध्यक्ष सुलखान सिंह और सदस्य अलीगढ़ कमिश्नर गौरव दयाल द्वारा सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ठाकुरजी के सुलभ दर्शन कराने संबंधी कई सुझाव दिए गए। इन सुझावों में बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण को प्रमुखता से रखा गया। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। सरकार उस रिपोर्ट को हाईकोर्ट को सौंप चुका है।
बांके बिहारी मंदिर के सेवायतों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए सरकार की ओर से प्रस्तुत विकास की कार्य योजना पर संदेह प्रकट करते हुए वकीलों के माध्यम से कहा कि सरकार मंदिर के प्रबंधन में विकास के नाम पर हस्तक्षेप न करें। इसके बाद हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस सुधीर नारायण को जांच कर रिपोर्ट देने का अनुरोध किया। हाईकोर्ट के कहने पर शुक्रवार को रिटायर्ड जस्टिस सुधीर नारायण अग्रवाल ने बांकेबिहारी मंदिर का गहनता से स्थलीय निरीक्षण किया।
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विदित है कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में भीड़ के दबाव में दो श्रद्धालुओं की मौत और 70 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह की अध्यक्षता में टीम गठित कर हादसे संबंधी जांच कराई गई। जांच कमेटी के अध्यक्ष सुलखान सिंह और सदस्य अलीगढ़ कमिश्नर गौरव दयाल द्वारा सरकार को भेजी गई रिपोर्ट में बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ठाकुरजी के सुलभ दर्शन कराने संबंधी कई सुझाव दिए गए। इन सुझावों में बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण को प्रमुखता से रखा गया। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। सरकार उस रिपोर्ट को हाईकोर्ट को सौंप चुका है।
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बांके बिहारी मंदिर के सेवायतों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए सरकार की ओर से प्रस्तुत विकास की कार्य योजना पर संदेह प्रकट करते हुए वकीलों के माध्यम से कहा कि सरकार मंदिर के प्रबंधन में विकास के नाम पर हस्तक्षेप न करें। इसके बाद हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस सुधीर नारायण को जांच कर रिपोर्ट देने का अनुरोध किया। हाईकोर्ट के कहने पर शुक्रवार को रिटायर्ड जस्टिस सुधीर नारायण अग्रवाल ने बांकेबिहारी मंदिर का गहनता से स्थलीय निरीक्षण किया।
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