फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   relief for 1.5 lakh farmers

डेढ़ लाख किसानों को मिली राहत

Tue, 04 Apr 2017 11:38 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Tue, 04 Apr 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
relief for 1.5 lakh farmers
कर्ज माफी पर चर्चा करते किसान
प्रदेश सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में किसानों की कर्जमाफी की घोषणा से मथुरा के डेढ़ लाख छोटे काश्तकारों को राहत मिली है। इन किसानों का एक लाख तक का ऋण माफ हो गया है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार आगे भी उनके बारे में विचार करेगी। 
विज्ञापन


मथुरा जिले में ढाई लाख किसान बैंकों के कर्जदार हैं। इन पर करीब 2836 करोड़ रुपये का ऋण है। बैंकों के कर्जदार सीमांत किसानों की संख्या ही करीब डेढ़ लाख है। इन पर करीब 1400 करोड़ रुपये का कर्ज है। इनमें भी एक बड़ी संख्या तो ऐसे किसानों की है जो आज ऋण की अदायगी करने की स्थिति में ही नहीं है।
विज्ञापन


कभी इनकी फसल ओलावृष्टि का शिकार का हो जाती है तो कभी किसी दूसरी प्राकृतिक आपदा की। किसान ऋण चुका ही नहीं पा रहे हैं। भाजपा ने चुनाव के दौरान किसानों के ऋण माफी का ऐलान किया था। मंगलवार को योगी सरकार ने सीमांत किसानों का एक लाख का ऋण माफ करने का ऐलान कर दिया है। इससे किसानों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। हालांकि किसानों का मानना है कि ऋण माफी कम की गई है। किसानों को उम्मीद बंधी है कि आगे भी सरकार किसान हितों को समझेगी।  
विज्ञापन
विज्ञापन



कर्ज माफी से बेहतर है फसल का उचित मूल्य दिलाएं
सीमांत किसानों के एक लाख रुपये कर्ज माफ करने पर किसानों ने बेवाक राय रखी। किसानों ने कहा कि बार बार किसानों का कर्ज माफ क रने का लालच देकर किसानों से वोट बटोरने से अच्छा है कि उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के इंतजाम होने चाहिए। एक लाख कर्ज माफी किसानों के कर्ज में ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।

सर्व दलीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष रामबाबू सिंह कटैलिया बोले कि सरकार बनाने को राजनीतिक दल किसानों को कर्ज माफी का लालच देते हैं और वोट बटोर कर उनके साथ धोखा कर देते हैं। अब किसानों का एक लाख कर्ज माफ करना ऊंट के मुंह में जीरा है। इससे किसानों का भला नहीं होने वाला। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बुद्धा सिंह कहते हैं कि फसल की लागत मूल्य अधिक व फसल की बिक्री अल्प दामों में होने के चलते किसान लगातार कर्जदार हो रहा है।

सरकार को चाहिए कि वह किसानों की फसल का उचित मूल्य दिलाए और लागत मूल्य घटाने का इंतजाम करे। सरकार कर्ज माफी के लालच देना छोड़ किसान आयोग व किसान नीति बनाए, इससे किसानों की बुनियाद मजबूत हो सके। कारब के किसान और पूर्व सैनिक पृथ्वी सिंह, मोहन सिंह कहते हैं कि चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने किसानों से कर्ज माफी के वादे किए थे। अब शर्त लगा रहे हैं। सबसे ज्यादा कर्जदार बड़े किसान हैं। एक लाख कर्ज माफी ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।

सियासी दल बोले, किसानों को छला गया
प्रदेश सरकार के किसानों की ऋणमाफी के फैसले पर विपक्षी राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे किसानों के साथ छल बताया है। 

भाजपा ने किसानों को पकड़ाया झुनझुना: सपा
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष तनवीर अहमद ने कहा कि चुनावी सभाओं में भाजपा नेताआें ने किसानों के ऋण माफ करने की बात कही थी और अब केवल एक लाख तक का कर्जा माफ कर किसानों को झुनझुना पकड़ा दिया है। ये किसानों के साथ वादा खिलाफी है।

मोदी ने किसानों को किया गुमराह-कांग्रेस
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया ने कहा कि भाजपा की सरकार ने किसानों के साथ छल किया है। प्रधानमंत्री ने स्वयं चुनावों में घोषणा की थी कि किसानों का कर्जा माफ होगा। किसान बेसब्री से कैबिनेट मीटिंग का इंतजार कर रहे थे। अब एक लाख रुपये के कर्ज माफी के निर्णय से किसानों के साथ धोखा किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस तरह किसानों को गुमराह करने की उम्मीद नहीं थी।


जुमलेबाजी के बाद वादा खिलाफी आई सामने: बसपा
बसपा के जिला अध्यक्ष सत्यप्रकाश कर्दम ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव के समय किसानों का कर्जा माफ करने की घोषणा की थी। इसमें कोई शर्त नहीं थी कि एक लाख रुपया माफ होगा या इससे अधिक या कम होगा। जुमलेबाजी के बाद अब वादा खिलाफी भी सामने आने लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed