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श्रीरंगनाथ की हुई गोदाम्मा, विवाहोत्सव के साक्षी बने भक्तों ने बरसाए फूल
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मंदिर श्रीरंगनाथ में मां गोदाम्माजी और भगवान रंगनाथ के विवाहोत्सव में शामिल हुए भक्त।
- फोटो : VRINDAVAN
वृंदावन (मथुरा)। वृंदावन स्थित दक्षिण भारतीय शैली में बने श्री रंगनाथ मंदिर में विवाह उत्सव की धूमधाम रही। मंगलवार को मां गोदाम्मा श्रीरंगनाथ जी के साथ विवाह के बंधन में बंध गईं। इस दौरान भक्तों ने मां गोदाम्मा और रंगनाथ जी पर फूलों की वर्षा की। इस उत्सव को देखने के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश के भक्त मंदिर में मौजूद रहे।
रंगनाथ मंदिर में 5 दिवसीय विवाह उत्सव के अंतिम दिन मां गोदाम्मा लाल जोड़े में घूंघट रखकर निज मंदिर से निकलीं और सबसे पहले भगवान रंगनाथ के समक्ष पहुंची। जहां सेवायतों द्वारा उनको भगवान रंगनाथ की माला और आभूषण पहनाए। इसके बाद मां गोदाम्मा की सवारी यमुना जी के दर्शन करने यमुना तट पहुंची। यहां यमुना जी के दर्शन और आरती की गई।
कुछ समय के विश्राम के बाद मां गोदाम्मा जी को हल्दी, कुमकुम आदि लगाकर दुल्हन की तरह सजाया गया। मंदिर सेवायत रघुनाथ स्वामी जी ने बताया कि अपराह्न में मां गोदाम्मा जी और भगवान रंगनाथ का माला अदला बदली कार्यक्रम हुआ। इसमें पुजारी राजू स्वामी ने 3 बार भगवान रंगनाथ की माला विशेष नृत्य और मंगल गीतों के मध्य माता गोदा जी को पहनाई और इसी तरह 3 बार माता गोदाम्मा जी की माला भगवान रंगनाथ को पहनाई गईं।
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मंगल गीतों के मध्य हुए माला की अदला बदली में भगवान रंगनाथ के ससुर बने भट्टनाथ स्वामी भी शामिल हुए। मंदिर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनघा श्रीनिवासन ने बताया कि धनुर्मास के दौरान भगवान को वर के रूप में प्राप्त करने के लिए मां गोदाम्मा एक महीने तक व्रत रहती हैं। आज के दिन भगवान को वर के रूप में प्राप्त करने के साथ ही यह व्रत उनका पूरा हो जाता है। भगवान के इस विवाह उत्सव को देखने के लिए देश विदेश के श्रद्धालु उमड़े।
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रंगनाथ मंदिर में 5 दिवसीय विवाह उत्सव के अंतिम दिन मां गोदाम्मा लाल जोड़े में घूंघट रखकर निज मंदिर से निकलीं और सबसे पहले भगवान रंगनाथ के समक्ष पहुंची। जहां सेवायतों द्वारा उनको भगवान रंगनाथ की माला और आभूषण पहनाए। इसके बाद मां गोदाम्मा की सवारी यमुना जी के दर्शन करने यमुना तट पहुंची। यहां यमुना जी के दर्शन और आरती की गई।
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कुछ समय के विश्राम के बाद मां गोदाम्मा जी को हल्दी, कुमकुम आदि लगाकर दुल्हन की तरह सजाया गया। मंदिर सेवायत रघुनाथ स्वामी जी ने बताया कि अपराह्न में मां गोदाम्मा जी और भगवान रंगनाथ का माला अदला बदली कार्यक्रम हुआ। इसमें पुजारी राजू स्वामी ने 3 बार भगवान रंगनाथ की माला विशेष नृत्य और मंगल गीतों के मध्य माता गोदा जी को पहनाई और इसी तरह 3 बार माता गोदाम्मा जी की माला भगवान रंगनाथ को पहनाई गईं।
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मंगल गीतों के मध्य हुए माला की अदला बदली में भगवान रंगनाथ के ससुर बने भट्टनाथ स्वामी भी शामिल हुए। मंदिर की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनघा श्रीनिवासन ने बताया कि धनुर्मास के दौरान भगवान को वर के रूप में प्राप्त करने के लिए मां गोदाम्मा एक महीने तक व्रत रहती हैं। आज के दिन भगवान को वर के रूप में प्राप्त करने के साथ ही यह व्रत उनका पूरा हो जाता है। भगवान के इस विवाह उत्सव को देखने के लिए देश विदेश के श्रद्धालु उमड़े।