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Mathura News: रंग और गुलाल की बौछार के बीच भक्ति और आनंद में सराबोर हुए श्रद्धालु
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मथुरा। बांकेबिहारी मंदिर में उड़ता गुलाल।
- फोटो : mathura
वृंदावन। ब्रज की विश्वविख्यात रंगीली होली के दूसरे दिन मंगलवार को ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दरबार में भक्त रंग और गुलाल की बौछार के बीच भक्ति और आनंद में सराबोर हो गए। मंदिर के आंगन में श्रद्धालु भावविभोर होकर नाचते-गाते नजर आए।
मंदिर परिसर में अलसुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु अपने आराध्य के हुरियारे स्वरूप के दर्शन के लिए उत्सुक दिखे। जैसे ही मंदिर में रंगों की वर्षा शुरू हुई भक्तगण प्रेम और भक्ति की इस अनोखी होली में डूब गए। टेसू के फूलों के रंग और गुलाल की बारिश के बीच जयकारे गगन को भेद रहे थे।
सेवायत विप्रांश वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि इस वर्ष होली महोत्सव 13 मार्च की पूर्णिमा रात्रि तक चलेगा और 14 मार्च को डोलोत्सव मनाया जाएगा। हालांकि इस बार तिथि क्षय होने के कारण उत्सव चार दिनों तक ही चलेगा।
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होली के अवसर पर श्रीबांकेबिहारी के सेवायतों द्वारा ठाकुरजी को विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इनमें दहीबड़ा, गुजिया, जलेबी, चाट-चटनी, नमकीन और अन्य स्वादिष्ट व्यंजन शामिल रहे। मंदिर में ठाकुरजी के लिए छप्पन भोग की विशेष व्यवस्था की गई, जिसे भक्तों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया।
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मंदिर परिसर में अलसुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु अपने आराध्य के हुरियारे स्वरूप के दर्शन के लिए उत्सुक दिखे। जैसे ही मंदिर में रंगों की वर्षा शुरू हुई भक्तगण प्रेम और भक्ति की इस अनोखी होली में डूब गए। टेसू के फूलों के रंग और गुलाल की बारिश के बीच जयकारे गगन को भेद रहे थे।
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सेवायत विप्रांश वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि इस वर्ष होली महोत्सव 13 मार्च की पूर्णिमा रात्रि तक चलेगा और 14 मार्च को डोलोत्सव मनाया जाएगा। हालांकि इस बार तिथि क्षय होने के कारण उत्सव चार दिनों तक ही चलेगा।
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होली के अवसर पर श्रीबांकेबिहारी के सेवायतों द्वारा ठाकुरजी को विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इनमें दहीबड़ा, गुजिया, जलेबी, चाट-चटनी, नमकीन और अन्य स्वादिष्ट व्यंजन शामिल रहे। मंदिर में ठाकुरजी के लिए छप्पन भोग की विशेष व्यवस्था की गई, जिसे भक्तों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया।