Mathura: स्वच्छता का संदेश लेकर भारत यात्रा पर निकले रमेश सैनी, बिना पैसों के तय किया 2200 किमी का सफर
राजस्थान के जोधपुर निवासी रमेश सैनी स्वच्छता का संदेश लेकर भारत यात्रा पर निकले हैं। वह बृहसपतिवार को मथुरा के वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों को जागरूक किया। यहां संतों ने उन्हें आश्रम पर ठहरने की स्वीकृति भी दे दी।
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उत्तर प्रदेश की तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन में रमेश ने स्वच्छता का संदेश दिया। राजस्थान के जोधपुर के रहने वाले रमेश सैनी स्वच्छता का संदेश लेकर भारत यात्रा पर निकले हैं। बृहसपतिवार को रमेश वृंदावन पहुंचे। वृंदावन के रमण रेती स्थित भागवत निवास स्थित आश्रम पर संतों ने उनको ठहरने की स्वीकृति दे दी।
घर से मां और पिता का आर्शीवाद लेकर बिना पैसों के निकले रमेश ने वृंदावन तक का सफर बृहस्पतिवार को तय किया। अब आगे का रास्ता तय करने के लिए रवान हो गए हैं। रमेश सैनी का उद्देश्य है कि वह इस यात्रा के माध्यम से लोगों को स्वच्छ भारत और स्वस्थ्य रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
घर से निकलते ही सब्जी की पिकप में मिली लिफ्ट
रमेश सैनी ने बताया कि उन्होंने अपनी यात्रा लगभग एक माह पहले शुरू की थी। इस यात्रा के पड़ाव में वृंदावन भी आया और वह बृहस्पतिवार को वृंदावन पहुंच गए। रमेश सैनी ने बताया कि माता पिता का आशीर्वाद ले कर वह जोधपुर से चले। घर से चलते ही एक सब्जी की पिकप मिली। उससे 50 किलोमीटर का सफर तय किया। उसके बाद कोई लिफ्ट नहीं मिली और फिर 40 से 50 किलोमीटर पैदल सफर किया।
2200 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं
जोधपुर से यात्रा शुरू करने के बाद वह राजस्थान होते हुए पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के ऋषिकेश हरिद्वार गए वहां दो दिन रुकने के बाद हरियाणा, दिल्ली होते हुए अब उत्तर प्रदेश पहुंचे हैं। रमेश सैनी के मुताबिक वह अब तक 2200 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। इस दौरान कभी किसी ने लिफ्ट दी तो कभी पैदल चलना पड़ा।
कई बार ढाबे में गुजारनी पड़ी रात
रमेश के मुताबिक वह करीब 1000 किलोमीटर पैदल चल चुके हैं। तीन भाइयों में सबसे छोटे रमेश सैनी पढ़े लिखे हैं। उन्होंने एम ए हिस्ट्री से पास किया हुआ है। रमेश ने बताया कि वह दिन भर सफर करते हैं रात में किसी मंदिर,आश्रम,गुरुद्वारे में रुक जाते हैं। कई बार उनको ढाबे पर भी रात गुजारनी पड़ी।