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रामायण जीने का, भागवत मोक्ष का मार्ग बताती है : चिन्मयानंद
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कोसीकलां। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित श्री ब्रजभूषण मंदिर पर श्रीरामकथा कथा में राष्ट्रीय संत चिन्मयानंद बापू ने कहा कि रामायण हमें जीना सिखाती है और भागवत मोक्ष का मार्ग बताती है। वासनाओं से मुक्त हो जाना ही मोक्ष की प्राप्ति है। मृत्यु ऐसी होनी चाहिए, जिसमें लोग दुखी हों और स्वयं को खुशी की अनुभूति हो।
कथा का शुभारंभ जगतगुरु राजराजेश्वरानंद महाराज, गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया। अतिथियों ने श्रीरामचरित मानस की पूजा कर आरती उतारी। कथा व्यास का शॉल, माला पहनाकर स्वागत किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि श्रीराम के पास सिर्फ भागवत की कृपा थी जबकि रावण के पास सब कुछ था, सिर्फ भगवान की कृपा नहीं थी इसलिए उसका अहंकार टूट गया।
लोगों को राम बनाने की कोशिश करनी चाहिए न की रावण। महंत चैतन्यदास, महंत प्रेमदास, महंत भागीरथ बाबा, महंत किशनदास, महंत भरतदास, महंत रामरतन दास मौजूद रहे। इससे पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। इसमें श्रीरामचरितमानस को मंदिर के महंत माधवदास मौनी महाराज, कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी लेकर चल रहे थे। कलश यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर कोटवन गांव होती हुई मंदिर पर संपन्न हुई।
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कथा का शुभारंभ जगतगुरु राजराजेश्वरानंद महाराज, गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया। अतिथियों ने श्रीरामचरित मानस की पूजा कर आरती उतारी। कथा व्यास का शॉल, माला पहनाकर स्वागत किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि श्रीराम के पास सिर्फ भागवत की कृपा थी जबकि रावण के पास सब कुछ था, सिर्फ भगवान की कृपा नहीं थी इसलिए उसका अहंकार टूट गया।
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लोगों को राम बनाने की कोशिश करनी चाहिए न की रावण। महंत चैतन्यदास, महंत प्रेमदास, महंत भागीरथ बाबा, महंत किशनदास, महंत भरतदास, महंत रामरतन दास मौजूद रहे। इससे पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। इसमें श्रीरामचरितमानस को मंदिर के महंत माधवदास मौनी महाराज, कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी लेकर चल रहे थे। कलश यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर कोटवन गांव होती हुई मंदिर पर संपन्न हुई।
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