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वीरेश यादव और राकेश गुप्ता पुलिस पकड़ से दूर
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:10 AM IST
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jawahar bagh
- फोटो : अमर उजाला
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जवाहर बाग हिंसा में नामजद व पांच-पांच हजार के इनामी वीरेश यादव और राकेश गुप्ता अभी भी पुलिस पकड़ से दूर हैं। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि दोनों के बारे में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। इन दोनों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीमें भी इनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
पुलिस ने रामबाग हिंसा के बाद रामवृक्ष यादव, वीरेश यादव और राकेश गुप्ता को फरार मानते हुए इनकी गिरफ्तारी पर पांच-पांच हजार का इनाम घोषित किया था। रामवृक्ष की मौत की पुष्टि हो गई थी। अब वीरेश यादव और राकेश गुप्ता की तलाश की जा रही है। राकेश गुप्ता सहकारिता विभाग में एक सहकारी समिति का सचिव है।
पुलिस ने उसकी तलाश में बदायूं के दातागंज तहसील क्षेत्र में कई जगह दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। वह परिवार के साथ फरार हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसके सभी ठिकानों पर छापे मारे गए थे, लेकिन वह नहीं मिला। उसका पूरा परिवार गायब है। उसके गांव में जब पूछताछ की गई तो उन लोगों का कहना था कि राकेश साल में एक-दो बार ही गांव आता है। वह अब किसी से संपर्क भी नहीं रखता है। उसका सिविल लाइंस क्षेत्र में भी मकान है और परिवार वहीं रह रहा था।
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पुलिस ने रामबाग हिंसा के बाद रामवृक्ष यादव, वीरेश यादव और राकेश गुप्ता को फरार मानते हुए इनकी गिरफ्तारी पर पांच-पांच हजार का इनाम घोषित किया था। रामवृक्ष की मौत की पुष्टि हो गई थी। अब वीरेश यादव और राकेश गुप्ता की तलाश की जा रही है। राकेश गुप्ता सहकारिता विभाग में एक सहकारी समिति का सचिव है।
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पुलिस ने उसकी तलाश में बदायूं के दातागंज तहसील क्षेत्र में कई जगह दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। वह परिवार के साथ फरार हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसके सभी ठिकानों पर छापे मारे गए थे, लेकिन वह नहीं मिला। उसका पूरा परिवार गायब है। उसके गांव में जब पूछताछ की गई तो उन लोगों का कहना था कि राकेश साल में एक-दो बार ही गांव आता है। वह अब किसी से संपर्क भी नहीं रखता है। उसका सिविल लाइंस क्षेत्र में भी मकान है और परिवार वहीं रह रहा था।
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