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‘रेलबस शुरू होने पर साकार होंगे विकास के दावे’
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 19 Jan 2016 09:10 PM IST
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रेलबस सेवा को दोबारा शुरू कराने के लिए लोगों की आवाज बुलंद होती जा रही है। नगरवासियों के साथ मंदिरों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी मथुरा जंक्शन से वृंदावन के मध्य रेलबस से यात्रा करना चाहते हैं।
वरिष्ठ साहित्यकार डा. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि रेलवे अधिकारियों की उदासीनता और अकर्मण्यता के कारण रेलबस का परिचालन ठप है। आज सैकड़ों यात्री परेशान हैं लेकिन विभाग बेखबर है।
बसेरा ग्रुप के प्रबंधक कुंजबिहारी का कहना है कि वृंदावन के विकास की बातें करने वाले जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को पहले रेल बस का संचालन शुरू कराना चाहिए।
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सभासद अखिलेश गौतम ने कहा कि मथुरा से वृंदावन के मध्य चलने वाली रेलबस के संचालन बंद होने से करोड़ों से लागत से बना वृंदावन रेलवे स्टेशन शोपीस बनकर रह गया है। रेलबस का संचालन बेहद जरूरी है।
शिवा चौधरी का कहना है कि शायद स्थानीय रेलवे अधिकारी ही नहीं चाहते है कि रेलबस दोबारा से पटरी पर दौडे़ और इसका लाभ विभिन्न वर्गों के दैनिक यात्रियों को प्राप्त हो।
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वरिष्ठ साहित्यकार डा. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि रेलवे अधिकारियों की उदासीनता और अकर्मण्यता के कारण रेलबस का परिचालन ठप है। आज सैकड़ों यात्री परेशान हैं लेकिन विभाग बेखबर है।
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बसेरा ग्रुप के प्रबंधक कुंजबिहारी का कहना है कि वृंदावन के विकास की बातें करने वाले जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को पहले रेल बस का संचालन शुरू कराना चाहिए।
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सभासद अखिलेश गौतम ने कहा कि मथुरा से वृंदावन के मध्य चलने वाली रेलबस के संचालन बंद होने से करोड़ों से लागत से बना वृंदावन रेलवे स्टेशन शोपीस बनकर रह गया है। रेलबस का संचालन बेहद जरूरी है।
शिवा चौधरी का कहना है कि शायद स्थानीय रेलवे अधिकारी ही नहीं चाहते है कि रेलबस दोबारा से पटरी पर दौडे़ और इसका लाभ विभिन्न वर्गों के दैनिक यात्रियों को प्राप्त हो।