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Mathura News: राधारानी की धरती से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति की हुंकार
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मथुरा। राधारानी की धरती से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के लिए कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने समर्थन का संदेश दिया है। बरसाना में महाशिवपुराण कथा कर रहे पंडित मिश्रा ने कहा कि यदि भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण अब नहीं हुआ, तो यह कार्य फिर कब होगा।
यह बातें उन्होंने बृहस्पतिवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के पक्षकार और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि शिव बाबा के आशीर्वाद से मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने और आंदोलन में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने करीब 30 मिनट की मुलाकात में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के इतिहास, मूल गर्भगृह स्थल और न्यायालय में विचाराधीन मुकदमों पर विस्तार से चर्चा की। पंडित प्रदीप मिश्रा को हिंदू पक्ष की ओर से जन्मभूमि के लिए किए जा रहे दावे और न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले ऐतिहासिक साक्ष्यों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुकदमों की तैयारी के लिए देश-विदेश की लाइब्रेरियों से ऐतिहासिक दस्तावेज, पुस्तकें और अन्य प्रमाण जुटाए गए हैं। हिंदू पक्ष ने दावा किया कि अलग-अलग कालखंडों में जन्मभूमि मंदिर को क्षति पहुंचाई गई और 1670 में औरंगजेब के शासनकाल में मंदिर तोड़े जाने के बाद मूल गर्भगृह स्थल पर ईदगाह का निर्माण कराया गया। पंडित मिश्रा ने कहा कि सनातन की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कथाओं के माध्यम से लोगों को इसका संदेश दिया जा रहा है और अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के विषय को भी श्रद्धालुओं के बीच रखा जाएगा। उन्होंने भविष्य में जनसमर्थन जुटाने के लिए होने वाले बड़े आयोजन में शामिल होने का भरोसा दिया। इस अवसर पर मुंबई से आए फिल्म निर्देशक विजय पाल सिंह, मनोज राजावत, मनोज चौधरी और भगत सिंह मौजूद रहे।
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यह बातें उन्होंने बृहस्पतिवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के पक्षकार और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि शिव बाबा के आशीर्वाद से मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने और आंदोलन में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने करीब 30 मिनट की मुलाकात में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के इतिहास, मूल गर्भगृह स्थल और न्यायालय में विचाराधीन मुकदमों पर विस्तार से चर्चा की। पंडित प्रदीप मिश्रा को हिंदू पक्ष की ओर से जन्मभूमि के लिए किए जा रहे दावे और न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले ऐतिहासिक साक्ष्यों की जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि मुकदमों की तैयारी के लिए देश-विदेश की लाइब्रेरियों से ऐतिहासिक दस्तावेज, पुस्तकें और अन्य प्रमाण जुटाए गए हैं। हिंदू पक्ष ने दावा किया कि अलग-अलग कालखंडों में जन्मभूमि मंदिर को क्षति पहुंचाई गई और 1670 में औरंगजेब के शासनकाल में मंदिर तोड़े जाने के बाद मूल गर्भगृह स्थल पर ईदगाह का निर्माण कराया गया। पंडित मिश्रा ने कहा कि सनातन की रक्षा के लिए समाज को एकजुट होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कथाओं के माध्यम से लोगों को इसका संदेश दिया जा रहा है और अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के विषय को भी श्रद्धालुओं के बीच रखा जाएगा। उन्होंने भविष्य में जनसमर्थन जुटाने के लिए होने वाले बड़े आयोजन में शामिल होने का भरोसा दिया। इस अवसर पर मुंबई से आए फिल्म निर्देशक विजय पाल सिंह, मनोज राजावत, मनोज चौधरी और भगत सिंह मौजूद रहे।
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