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राधा-कृष्ण के गंधर्व विवाह का साक्षी हैं वंशीवट-भांडीरवन
मुथुरा
Updated Sat, 27 May 2017 11:41 PM IST
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राध्ाा कृष्ण
- फोटो : Demo Pic
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गांव छांहरी मांट तहसील मुख्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस गांव में वंशीवट और भांडीरवन स्थित हैं, जिनसे राधाकृष्ण की पौराणिक कथाएं जुड़ी हैं।
ग्राम पंचायत मांट मूला का हिस्सा भांडीरवन और वंशीवट का उल्लेख गर्ग संहिता में विस्तृत रूप से किया गया है। यहां लिखा है कि श्रीकृष्ण और राधा का गंधर्व विवाह भांडीरवन में ही
हुआ था। ब्रह्माजी ने ही यह विवाह संपन्न कराया था। भांडीरवन में राधारानी की मांग में सिंदूर भी भरते हैं। यह गांव ब्रज चौरासी कोस यात्रा का पड़ाव स्थल भी है। यहां एक विशाल वटवृक्ष स्थित है, जिसके संदर्भ में कहा जाता है कि शांत वातावरण में इसकी टहनियों से कान लगाया जाए तो उसमें बांसुरी की आवाज सुनाई देती है। यहां श्याम तलैया नाम का प्राचीन कुंड भी स्थित है।
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पर्यटन विभाग की अनदेखी
भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की लीलाओं से जुड़ा स्थल होने के बाद भी पर्यटन विभाग की नजर गांव छांहरी के वंशीवट-भांडीरवन की ओर नहीं पड़ी है। यही कारण है कि यहां के लोग अनेक बार अफसरों से इन्हें बचाने के लिए मिले हैं, लेकिन वन और पर्यटन विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है।
समस्याएं
-गांव में विकास निधि से बना कुंड सूखा
-वन क्षेत्र में निरंतर बढ़ रहा है अवैध कटान
-गांव में साफ-सफाई के कोई प्रबंध नहीं
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ग्राम पंचायत मांट मूला का हिस्सा भांडीरवन और वंशीवट का उल्लेख गर्ग संहिता में विस्तृत रूप से किया गया है। यहां लिखा है कि श्रीकृष्ण और राधा का गंधर्व विवाह भांडीरवन में ही
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हुआ था। ब्रह्माजी ने ही यह विवाह संपन्न कराया था। भांडीरवन में राधारानी की मांग में सिंदूर भी भरते हैं। यह गांव ब्रज चौरासी कोस यात्रा का पड़ाव स्थल भी है। यहां एक विशाल वटवृक्ष स्थित है, जिसके संदर्भ में कहा जाता है कि शांत वातावरण में इसकी टहनियों से कान लगाया जाए तो उसमें बांसुरी की आवाज सुनाई देती है। यहां श्याम तलैया नाम का प्राचीन कुंड भी स्थित है।
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पर्यटन विभाग की अनदेखी
भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की लीलाओं से जुड़ा स्थल होने के बाद भी पर्यटन विभाग की नजर गांव छांहरी के वंशीवट-भांडीरवन की ओर नहीं पड़ी है। यही कारण है कि यहां के लोग अनेक बार अफसरों से इन्हें बचाने के लिए मिले हैं, लेकिन वन और पर्यटन विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है।
समस्याएं
-गांव में विकास निधि से बना कुंड सूखा
-वन क्षेत्र में निरंतर बढ़ रहा है अवैध कटान
-गांव में साफ-सफाई के कोई प्रबंध नहीं