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राधा प्यारी ने जनम लियौ है...
अमर उजाला वृंदावन
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:19 AM IST
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इस्कॉन मंदिर
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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वृषभानु दुलारी राधारानी के जन्मोत्सव पर मंदिरों में धार्मिक आयोजनों का सहभागी बनने के लिए ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया। मंदिरों में तड़के 4 बजे से प्रारंभ हुआ पंचामृत अभिषेक का क्रम शाम तक चलता रहा। गली-गली राधाप्यारी ने जनम लियौ है... की गूंज सुनाई देने लगी।
राधाष्टमी की पूर्वसंध्या से ही राधावल्लभ मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए। शयन आरती के बाद राधावल्लभ लाल के दर्शन खुले और ढ़ाढ़ी-ढ़ांढिन बधाई गायन किया। सुबह ठाकुरजी के श्री विग्रह का पंचामृत से अभिषेक, समाज गायन हुआ। चलौ वृषभानु गोप के द्वार, राधा प्यारी ने जन्म लियौ है...।
गोस्वामियों समाज के लोग बधाइयां गाकर प्रसन्नता से नृत्य कर रहे थे। दधिकांधा में जन्मोत्सव के उल्लास में विभिन्न पदार्थ भक्तों में लुटाए गए। भक्तों में होड़ सी लगी थी। टीकैत अधिकारी राधेशलाल गोस्वामी, मोहित मराल गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।
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राधादामोदर मंदिर के सेवायत कनिका गोस्वामी, कृष्णा गोस्वामी ने ठाकुरजी के श्रीविग्रहों का पंचामृत अभिषेक किया। इसके बाद प्रसाद वितरण और राजभोग आरती हुई। टटिया स्थान में प्रात:काल से समाज बधाई गायन हुआ। यहां मेला सा लगा रहा। राधा जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में स्वामी हरिदास जी की गुदड़ी और करूए के विशेष दर्शनों का भक्तों ने लाभ लिया।
इधर सेवाकुंज मंदिर, छोटे और बड़े रासमंडल में भी दधिकांधा हुआ। आयोजित रासलीला के दौरान राधारानी ने भक्तों को कमल के फूल पर विराजमान होकर जन्म के दर्शन दिए। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर को भी रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। इत्र का छिड़काव किया गया।
इस्कॉन मंदिर में तड़के 4:30 बजे मंगला आरती, 7:15 बजे शृंगार आरती, गुरू पूजा 7:30 बजे, प्राकट्य लीला 8 से 10 बजे तक हुई। छटीकरा मार्ग स्थित अक्षय पात्र परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य मंदिर में पुजारियों ने राधा रानी के श्री विग्रह का अभिषेक कराने के साथ नवीन पोशाक भी धारण कराई।
ब्रह्ममुहूर्त में हुआ अभिषेक
स्वामी हरिदासजी के समाधिस्थल निधिवनराज में ब्रह्ममुहूर्त में तड़के 4 बजे सेवायत भीकचंद्र गोस्वामी, रोहित गोस्वामी आदि ने स्वामी हरिदासजी की प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक किया गया। केलीमाल के पदों का आयोजन हुआ। समाज बधाई गायन हुआ।
बांकेबिहारी मंदिर में हुई रासलीला
राधाष्टमी और स्वामी हरिदासजी के आविर्भाव महोत्सव के अवसर पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर प्रांगण में सदियों पुरानी रासलीला की परंपरा निभाई गई। वर्ष भर में एक बार ये आयोजन होता है। शुक्रवार की दोपहर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में पट बंद होने के बाद अपराह्न आयोजन शुरू हुआ। स्वामी लेखराज और स्वामी ओम प्रकाश शर्मा के निर्देशन में श्याम सगाई और वेणु गूथन लीला की मनोहारी प्रस्तुति दी गई। रासलीला में भगवान कृष्ण माता यशोदा से सगाई करने की मांग करते हैं, उन पर दवाब बनाते हैं कि वे उनका विवाह कराएं। रासलीला को देखने के लिए मंदिर में भारी भीड़ रही। मंदिर सेवायत अटल बिहारी गोस्वामी, विजय बिहारी गोस्वामी, मुन्ना गोस्वामी, आशीष गोस्वामी, मयंक गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।
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राधाष्टमी की पूर्वसंध्या से ही राधावल्लभ मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए। शयन आरती के बाद राधावल्लभ लाल के दर्शन खुले और ढ़ाढ़ी-ढ़ांढिन बधाई गायन किया। सुबह ठाकुरजी के श्री विग्रह का पंचामृत से अभिषेक, समाज गायन हुआ। चलौ वृषभानु गोप के द्वार, राधा प्यारी ने जन्म लियौ है...।
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गोस्वामियों समाज के लोग बधाइयां गाकर प्रसन्नता से नृत्य कर रहे थे। दधिकांधा में जन्मोत्सव के उल्लास में विभिन्न पदार्थ भक्तों में लुटाए गए। भक्तों में होड़ सी लगी थी। टीकैत अधिकारी राधेशलाल गोस्वामी, मोहित मराल गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।
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राधादामोदर मंदिर के सेवायत कनिका गोस्वामी, कृष्णा गोस्वामी ने ठाकुरजी के श्रीविग्रहों का पंचामृत अभिषेक किया। इसके बाद प्रसाद वितरण और राजभोग आरती हुई। टटिया स्थान में प्रात:काल से समाज बधाई गायन हुआ। यहां मेला सा लगा रहा। राधा जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में स्वामी हरिदास जी की गुदड़ी और करूए के विशेष दर्शनों का भक्तों ने लाभ लिया।
इधर सेवाकुंज मंदिर, छोटे और बड़े रासमंडल में भी दधिकांधा हुआ। आयोजित रासलीला के दौरान राधारानी ने भक्तों को कमल के फूल पर विराजमान होकर जन्म के दर्शन दिए। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर को भी रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। इत्र का छिड़काव किया गया।
इस्कॉन मंदिर में तड़के 4:30 बजे मंगला आरती, 7:15 बजे शृंगार आरती, गुरू पूजा 7:30 बजे, प्राकट्य लीला 8 से 10 बजे तक हुई। छटीकरा मार्ग स्थित अक्षय पात्र परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य मंदिर में पुजारियों ने राधा रानी के श्री विग्रह का अभिषेक कराने के साथ नवीन पोशाक भी धारण कराई।
ब्रह्ममुहूर्त में हुआ अभिषेक
स्वामी हरिदासजी के समाधिस्थल निधिवनराज में ब्रह्ममुहूर्त में तड़के 4 बजे सेवायत भीकचंद्र गोस्वामी, रोहित गोस्वामी आदि ने स्वामी हरिदासजी की प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक किया गया। केलीमाल के पदों का आयोजन हुआ। समाज बधाई गायन हुआ।
बांकेबिहारी मंदिर में हुई रासलीला
राधाष्टमी और स्वामी हरिदासजी के आविर्भाव महोत्सव के अवसर पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर प्रांगण में सदियों पुरानी रासलीला की परंपरा निभाई गई। वर्ष भर में एक बार ये आयोजन होता है। शुक्रवार की दोपहर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में पट बंद होने के बाद अपराह्न आयोजन शुरू हुआ। स्वामी लेखराज और स्वामी ओम प्रकाश शर्मा के निर्देशन में श्याम सगाई और वेणु गूथन लीला की मनोहारी प्रस्तुति दी गई। रासलीला में भगवान कृष्ण माता यशोदा से सगाई करने की मांग करते हैं, उन पर दवाब बनाते हैं कि वे उनका विवाह कराएं। रासलीला को देखने के लिए मंदिर में भारी भीड़ रही। मंदिर सेवायत अटल बिहारी गोस्वामी, विजय बिहारी गोस्वामी, मुन्ना गोस्वामी, आशीष गोस्वामी, मयंक गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।