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ठेकेदार का अनुभव पत्र मिला फर्जी, टेंडर करने पड़े निरस्त................
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मथुरा। थाना फरह और मगोर्रा की बैरक-विवेचना कक्ष के निर्माण में देरी हो सकती है। करीब पौने दो करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस कार्य के टेंडरों को पीडब्ल्यूडी ने निरस्त कर दिया है। ऐसा ठेकेदार का अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के चलते नए टेंडर किए गए।
यह मामला दो थानों की बैरक और विवेचना कक्ष के निर्माण का है। थाना फरह की 32 बैरक, विवेचना कक्ष और थाना मगोर्रा की 16 बैरक, विवेचना कक्ष का निर्माण करीब पौने दो करोड़ रुपये से होना था। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड ने इसकी निविदाएं निकाली। एक ठेकेदार के नाम यह टेंडर कर दिया गया।
टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड भी खुलने के बाद सहायक अभियंता अजय कुमार को अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी होने का शक हुआ। इसे सिंचाई विभाग से सत्यापित कराया गया तो फर्जी पाया गया। अधीक्षण अभियंता योगेश पंवार ने दोनों टेंडर निरस्त कर दिए। तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी, जिसमें अधिशासी अभियंता ब्रजेश कुमार दीपक, सहायक अभियंता एके जैन और अजय कुमार हैं। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही ठेकेदार पर कार्रवाई हो सकती है।
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जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई: पंवार
ठेकेदार का अनुभव पत्र फर्जी पाए जाने पर थाना फरह और मगोर्रा के टेंडर निरस्त किए गए। तीन सदस्यीय जांच कमेटी एक-दो दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेंगी। रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-योगेश पंवार, अधीक्षण अभियंता
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यह मामला दो थानों की बैरक और विवेचना कक्ष के निर्माण का है। थाना फरह की 32 बैरक, विवेचना कक्ष और थाना मगोर्रा की 16 बैरक, विवेचना कक्ष का निर्माण करीब पौने दो करोड़ रुपये से होना था। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड ने इसकी निविदाएं निकाली। एक ठेकेदार के नाम यह टेंडर कर दिया गया।
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टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड भी खुलने के बाद सहायक अभियंता अजय कुमार को अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी होने का शक हुआ। इसे सिंचाई विभाग से सत्यापित कराया गया तो फर्जी पाया गया। अधीक्षण अभियंता योगेश पंवार ने दोनों टेंडर निरस्त कर दिए। तीन सदस्यीय जांच कमेटी बना दी, जिसमें अधिशासी अभियंता ब्रजेश कुमार दीपक, सहायक अभियंता एके जैन और अजय कुमार हैं। कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही ठेकेदार पर कार्रवाई हो सकती है।
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जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई: पंवार
ठेकेदार का अनुभव पत्र फर्जी पाए जाने पर थाना फरह और मगोर्रा के टेंडर निरस्त किए गए। तीन सदस्यीय जांच कमेटी एक-दो दिन में जांच रिपोर्ट सौंपेंगी। रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-योगेश पंवार, अधीक्षण अभियंता