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हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर घेरी कोतवाली
अमर उजाला वृंदावन
Updated Fri, 12 Aug 2016 11:45 PM IST
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मां-पत्नी की हालत बिगड़ी
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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नगर के समीपवर्ती गांव राजपुर के युवक की दो माह पहले हुई संदिग्ध मौत के मामले में नामजदों को पुलिस दो माह बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इससे मृतक के परिवारीजनों और ग्रामीणों में रोष है। शुक्रवार को गांववासियों ने कोतवाली का घेराव कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि बीती 11 जून को गुरुकुल विश्वविद्यालय समीप पुराने खंडहर में गांव राजपुर निवासी दीपक (24) पुत्र रामवीर का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। मामले में मृतक के चाचा नंदकिशोर ने गौरानगर के चार युवकों पर संदेह जताते हुए कोतवाली में विशाल और भोजराज के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शुरुआत में आरोपी और अन्य लोगों से पूछताछ भी की लेकिन कुछ समय बाद छोड़ दिया। मृतक के पिता रामवीर ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
शुकवार को पिता रामवीर और मृतक की पत्नी रेखा, डा. नारायण सिंह, रंगज बघेल, लोकेश, राजकुमार के साथ गांव की दर्जनों महिलाएं कोतवाली पहुंचीं और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। कोतवाली प्रभारी मुनीशचंद्र ने मामले की दोबारा जांच का आश्वासन दिया तब लोग शांत हुए। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण गला घुटने से होना आया है।
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मां-पत्नी की हालत बिगड़ी
दीपक की मौत के मामले में शुक्रवार को कोतवाली में प्रदर्शन करने पहुंचे लोगाें के साथ मृतक की पत्नी रेखा और मां प्रेमा भी थीं। प्रदर्शन के दौरान रेखा और प्रेमा की हालत बिगड़ गई। दोनों बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। यह देख लोगों में हड़कंप मच गया। उपस्थित महिलाओं ने दोनों को पानी पिलाया इसके बाद तबियत ठीक हो सकी।
इन बिंदुओं पर हो जांच
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि 11 जून को गुरुकुल विश्वविद्यालय के समीप खंडहर में दीपक का शव भले ही फांसी के फंदे पर झूलता मिला था लेकिन हालात कुछ और बयां कर रहे थे। युवक का शव छत पर लगे लोहे के एंगल से बंधी नाइलोन की रस्सी से बंधा था। पैर जमीन से छू रहे थे और घुटने मुडे़ हुए थे। मौके पर बीयर की खाली बोतलें, चिप्स और नमकीन के खाली रैपर थे। युवक के शरीर के कपड़े मिट्टी से सने हुए थे और शरीर पर चोट के निशान भी थे।
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प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि बीती 11 जून को गुरुकुल विश्वविद्यालय समीप पुराने खंडहर में गांव राजपुर निवासी दीपक (24) पुत्र रामवीर का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था। मामले में मृतक के चाचा नंदकिशोर ने गौरानगर के चार युवकों पर संदेह जताते हुए कोतवाली में विशाल और भोजराज के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शुरुआत में आरोपी और अन्य लोगों से पूछताछ भी की लेकिन कुछ समय बाद छोड़ दिया। मृतक के पिता रामवीर ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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शुकवार को पिता रामवीर और मृतक की पत्नी रेखा, डा. नारायण सिंह, रंगज बघेल, लोकेश, राजकुमार के साथ गांव की दर्जनों महिलाएं कोतवाली पहुंचीं और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। कोतवाली प्रभारी मुनीशचंद्र ने मामले की दोबारा जांच का आश्वासन दिया तब लोग शांत हुए। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम में भी मौत का कारण गला घुटने से होना आया है।
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मां-पत्नी की हालत बिगड़ी
दीपक की मौत के मामले में शुक्रवार को कोतवाली में प्रदर्शन करने पहुंचे लोगाें के साथ मृतक की पत्नी रेखा और मां प्रेमा भी थीं। प्रदर्शन के दौरान रेखा और प्रेमा की हालत बिगड़ गई। दोनों बेहोश होकर जमीन पर गिर गईं। यह देख लोगों में हड़कंप मच गया। उपस्थित महिलाओं ने दोनों को पानी पिलाया इसके बाद तबियत ठीक हो सकी।
इन बिंदुओं पर हो जांच
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि 11 जून को गुरुकुल विश्वविद्यालय के समीप खंडहर में दीपक का शव भले ही फांसी के फंदे पर झूलता मिला था लेकिन हालात कुछ और बयां कर रहे थे। युवक का शव छत पर लगे लोहे के एंगल से बंधी नाइलोन की रस्सी से बंधा था। पैर जमीन से छू रहे थे और घुटने मुडे़ हुए थे। मौके पर बीयर की खाली बोतलें, चिप्स और नमकीन के खाली रैपर थे। युवक के शरीर के कपड़े मिट्टी से सने हुए थे और शरीर पर चोट के निशान भी थे।