{"_id":"653544941c977450db027c85","slug":"priests-worshipped-mother-goddess-amidst-chanting-of-mantras-at-katyayani-devi-peeth-temple-in-vrindavan-2023-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura: कात्यायनी देवी मंदिर में संधि आरती के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, मंत्रोच्चारों के बीच हुई पूजा-अर्चना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura: कात्यायनी देवी मंदिर में संधि आरती के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, मंत्रोच्चारों के बीच हुई पूजा-अर्चना
Sun, 22 Oct 2023 10:37 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Sun, 22 Oct 2023 10:37 PM IST
सार
मथुरा के वृंदावन में कात्यायनी देवी मंदिर में संधि आरती के दर्शन को श्रद्धालु उमड़े। पुजारियों ने मंत्रोच्चारों के बीच पूजा-अर्चना हुई।
विज्ञापन
Mathura: कात्यायनी देवी मंदिर में संधि आरती के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन स्थित कात्यायनी देवी पीठ मंदिर में पुजारियों ने मंत्रोच्चारों के बीच देवी मां की पूजा-अर्चना की। शाम को संधि आरती के दर्शन के लिए मंदिर में भक्त उमड़ पड़े। मंदिर माता के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान बड़ी संख्या में बाहरी श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
रविवार को कात्यायनी देवी मंदिर पुष्पों और विद्युत झालरों से सजाया गया। मंदिर के चौक में झाड़ लगाए गए। मंदिर में माता कात्यायनी को पुष्पों के बंगला में विराजमान किया किया गया। शाम को 5:35 बजे अष्टमी और नवमी तिथि के मिलन की बेला में संधि आरती की गई।
विज्ञापन
यह भी पढ़ेंः- UP: दो बच्चों की मां को हलवाई से हुआ इश्क, परवान चढ़ा प्रेम तो उठाया ऐसा कदम..., शर्मसार हो गए परिवार के लोग
विज्ञापन
डमरू, घंटा-घड़ियाल और नगाड़ों के मध्य मां कात्यायनी की संधि आरती हुई। वर्ष में दो बाद होने वाली विशेष संधि आरती के लिए भक्तजन आतुर रहे। जो भक्त मंदिर में जगमोहन से देवी के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं कर पाए उन भक्तों ने मंदिर में लगे टीवी सेटों में ही संधि आरती के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
यह भी पढ़ेंः- Mainpuri News: चंडीगढ़ में हुआ सैनिक का निधन, गांव पहुंचा पार्थिव शरीर; राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
तत्पश्चात देवी की परिक्रमा कर मंदिर परिसर में विराजमान भगवान शिव की आरती का भक्तों ने आनंद लिया। मंदिर के प्रबंधक राजेंद्र शर्मा ने बताया कि कात्यायनी देवी मंदिर में वर्ष में दो बाद नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि के मिलन के दौरान संधि आरती की जाती है। इस आरती का विशेष महत्व है।