{"_id":"681f787e0ab571a20f0e81db","slug":"power-cuts-for-two-days-in-these-two-areas-of-mathura-2025-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura: दो दिन बाधित रहेगी बिजली आपूर्ति...इन क्षेत्रों में दिक्कत, विद्युत निगम करेगा लाइन पर मरम्मत कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura: दो दिन बाधित रहेगी बिजली आपूर्ति...इन क्षेत्रों में दिक्कत, विद्युत निगम करेगा लाइन पर मरम्मत कार्य
Sat, 10 May 2025 09:32 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 10 May 2025 09:32 PM IST
सार
मथुरा में दो दिन बिजली संकट रहेगा। इसको लेकर विद्युत निगम ने सूचित कर दिया है। लाइन पर अनुरक्षण कार्य के चलते ये बिजली कटाैती की जा रही है। ताकि गर्मी के मौसम में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
विज्ञापन
Power Cut
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मथुरा के बरसाना में विद्युत निगम द्वारा 33 केवी बरसाना लाइन पर दो दिवसीय अनुरक्षण कार्य प्रस्तावित किया गया है। यह कार्य 11 और 12 मई को किया जाएगा। इसके कारण दो दिन सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक नंदगांव बरसाना समेत 33 केवी स्टेशन से पोषित सभी फीडरों की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह अनुरक्षण कार्य जरूरी है, ताकि गर्मी के मौसम में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान लाइन के लॉन्ग स्पैन (लंबी दूरी के खंड) के मध्य में पोल लगाए जाएंगे, जिससे तारों पर भार संतुलित किया जा सके।
एसडीओ राहुल चौरसिया ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में नेटवर्क की मजबूती अत्यंत आवश्यक हो जाती है। अनुरक्षण के बाद न केवल आपूर्ति व्यवस्था अधिक स्थिर होगी, बल्कि फॉल्ट की संभावनाएं भी कम होंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह अनुरक्षण कार्य जरूरी है, ताकि गर्मी के मौसम में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान लाइन के लॉन्ग स्पैन (लंबी दूरी के खंड) के मध्य में पोल लगाए जाएंगे, जिससे तारों पर भार संतुलित किया जा सके।
विज्ञापन
एसडीओ राहुल चौरसिया ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में नेटवर्क की मजबूती अत्यंत आवश्यक हो जाती है। अनुरक्षण के बाद न केवल आपूर्ति व्यवस्था अधिक स्थिर होगी, बल्कि फॉल्ट की संभावनाएं भी कम होंगी।
विज्ञापन