{"_id":"f441ccd1774cfd1d76a104766ad65cd9","slug":"pollution-in-yamuna-hindi-news-4","type":"story","status":"publish","title_hn":" यमुना सफाई की हाईटेक शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना सफाई की हाईटेक शुरुआत
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 24 Feb 2016 11:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत इलाहाबाद, वाराणसी और कानपुर में गंगा की सफाई के लिए प्रयोग की जा रही मशीन (स्कीमर) का उपयोग अब यमुना की सफाई के लिए किया जा रहा है। दोनों नदियों में सफाई कार्य की जिम्मेदारी क्लीनटेक इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की है।
यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने बताया कि लंबे प्रयासों के बाद केन्द्र सरकार के गंगा सफाई कार्यक्रम में उपयोग में लाई जा रही यूएसए निर्मित स्कीमर मशीन अब यमुना में उतर गई है। मशीन से यमुना जल की सतह को साफ करने का काम शुरू किया गया है।
तीन दिन पहले कंपनी से जुडे़ सुरेश पाल सिंह ने मथुरा में यमुना का जायजा लिया था। इसमें मसानी पंपिग स्टेशन से लेकर, स्वामी घाट, विश्राम घाट, बंगाली घाट , महादेव घाट , ध्रुव घाट स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि स्कीमर ‘नमामि गंगे’ परियोजना के अंतर्गत इलाहाबाद, वाराणसी, कानपुर में पहले से ही कार्य कर रही है।
विज्ञापन
अब इस मशीन को मथुरा में लगाया है। यह मशीन पानी के ऊपर या पानी के डेढ़ मीटर अंदर तक तैर रही प्लास्टिक और कचडे़ को नदी से बाहर निकाल स्टोर कर लेती है। इसे बाद में उसे नदी से बाहर ले जाया जाता है। इस मशीन की स्टोरेज क्षमता 4.7 टन है।
विज्ञापन
यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने बताया कि लंबे प्रयासों के बाद केन्द्र सरकार के गंगा सफाई कार्यक्रम में उपयोग में लाई जा रही यूएसए निर्मित स्कीमर मशीन अब यमुना में उतर गई है। मशीन से यमुना जल की सतह को साफ करने का काम शुरू किया गया है।
विज्ञापन
तीन दिन पहले कंपनी से जुडे़ सुरेश पाल सिंह ने मथुरा में यमुना का जायजा लिया था। इसमें मसानी पंपिग स्टेशन से लेकर, स्वामी घाट, विश्राम घाट, बंगाली घाट , महादेव घाट , ध्रुव घाट स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि स्कीमर ‘नमामि गंगे’ परियोजना के अंतर्गत इलाहाबाद, वाराणसी, कानपुर में पहले से ही कार्य कर रही है।
विज्ञापन
अब इस मशीन को मथुरा में लगाया है। यह मशीन पानी के ऊपर या पानी के डेढ़ मीटर अंदर तक तैर रही प्लास्टिक और कचडे़ को नदी से बाहर निकाल स्टोर कर लेती है। इसे बाद में उसे नदी से बाहर ले जाया जाता है। इस मशीन की स्टोरेज क्षमता 4.7 टन है।