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पार्टी की छवि धूमिल करने के लिए रचा गया सियासी षड्यंत्र : त्रिलोक त्यागी
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मथुरा। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बाद चुप्पी तोड़ी है। उनका कहना है कि मेरे व पार्टी की छवि धूमिल करने के लिए सियासी षड्यंत्र रचा जा रहा है। सारे आरोप मनगढ़ंत लगाए गए हैं।
हरियाणा के गुरुग्राम सरस्वती विहार चक्करपुर कॉलोनी निवासी ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एससी/एसटी ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन इं. राजिंदर प्रसाद ने 26 जून को हाईवे थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में कहा गया था कि पिछले साल मई में सौंख रोड स्थित एक होटल में रालोद की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक व कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ था। इसमें राष्ट्रीय महासचिव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्य अनुसूचित जाति आयोग के लिए अपमानजनक और असंवैधानिक शब्दों का इस्तेमाल किया।
सार्वजनिक रूप से ऐसे शब्दों का प्रयोग अनुसूचित जाति समाज की संवैधानिक पहचान और गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। कार्रवाई के बाद रालोद महासचिव ने चुप्पी तोड़ी है। पत्र सार्वजनिक कर उन्होंने कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत यह कार्रवाई कराई गई है। मेरी भावना कभी भी किसी जाति-धर्म के खिलाफ नहीं रही। मैं सभी के प्रति आदर भाव रखता हूं।
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हरियाणा के गुरुग्राम सरस्वती विहार चक्करपुर कॉलोनी निवासी ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एससी/एसटी ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन इं. राजिंदर प्रसाद ने 26 जून को हाईवे थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में कहा गया था कि पिछले साल मई में सौंख रोड स्थित एक होटल में रालोद की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक व कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित हुआ था। इसमें राष्ट्रीय महासचिव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्य अनुसूचित जाति आयोग के लिए अपमानजनक और असंवैधानिक शब्दों का इस्तेमाल किया।
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सार्वजनिक रूप से ऐसे शब्दों का प्रयोग अनुसूचित जाति समाज की संवैधानिक पहचान और गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। कार्रवाई के बाद रालोद महासचिव ने चुप्पी तोड़ी है। पत्र सार्वजनिक कर उन्होंने कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत यह कार्रवाई कराई गई है। मेरी भावना कभी भी किसी जाति-धर्म के खिलाफ नहीं रही। मैं सभी के प्रति आदर भाव रखता हूं।
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