{"_id":"685d9424e6fd579e8d0118c4","slug":"police-is-not-proceeding-with-the-investigation-as-their-own-people-are-facing-trouble-mathura-news-c-369-1-sagr1038-131693-2025-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: अपनों पर आ रही आंच तो पुलिस की आगे नहीं बढ़ रही जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: अपनों पर आ रही आंच तो पुलिस की आगे नहीं बढ़ रही जांच
विज्ञापन
मथुरा। पुलिस की लापरवाही से लावारिस शव दस दिन तक मोर्चरी में सड़ता रहा। मामला खुला तो एसएसपी श्लोक कुमार ने जांच के आदेश दिए। पांच दिन बीतने के बाद भी अब पुलिस की जांच पूरी नहीं हो पाई है। दरअसल इसमें पुलिसकर्मियों पर ही आंच आएगी, इसी कारण जांच भी धीमी है।
22 जून को मोर्चरी में एक लावारिस शव 10 दिन से रखा होने की बात सामने आई थी। रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज न होने और कहीं से भी पुलिसकर्मी न पहुंचने के कारण उसका पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। इसके चलते पूरा शव बुरी तरह सड़ गया था। मोर्चरी से उठने वाली दुर्गंध के कारण पूरे परिसर में भी लोग खड़े नहीं हो पा रहे थे। पोस्टमार्टम हाउस में तैनात कर्मचारियों की सूचना पर जब सीसीटीवी खंगाले गए तो पता चला कि शव वृंदावन पुलिस द्वारा भेजा गया था लेकिन बिना किसी एंट्री के ही वह शव रखकर चले गए और फिर उसकी सुधि नहीं ली।
मामले की जांच के आदेश एसएसपी श्लोक कुमार ने दिए थे। आदेश पर एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने सीओ सदर संदीप कुमार सिंह को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। आदेश को 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल सका कि आखिर इस कृत्य के लिए कौन दोषी है। दरअसल सीसीटीवी फुटेज से यह साफ है कि कोई वर्दीधारी ही शव लेकर आया था। साथ ही यह भी पुष्ट हो चुका है कि शव वृंदावन कोतवाली क्षेत्र से लाया गया था। ऐसे में अब जाहिर है कि जांच की आंच भी पुलिसकर्मियों पर ही आएगी। शायद इसीलिए जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
विज्ञापन
लावारिस शव की दुर्गति का गुनहगार कौन
10 दिन तक लावारिस शव मोर्चरी में सड़ने और उसका अंतिम संस्कार न होने से सिस्टम का अमानवीय चेहरा पहले ही सबके सामने आ चुका है। 22 जून की रात में ही वृंदावन पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन अब उसे न्याय नहीं मिल सका।
-मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-संदीप कुमार, सीओ सदर
विज्ञापन
22 जून को मोर्चरी में एक लावारिस शव 10 दिन से रखा होने की बात सामने आई थी। रजिस्टर में कोई एंट्री दर्ज न होने और कहीं से भी पुलिसकर्मी न पहुंचने के कारण उसका पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। इसके चलते पूरा शव बुरी तरह सड़ गया था। मोर्चरी से उठने वाली दुर्गंध के कारण पूरे परिसर में भी लोग खड़े नहीं हो पा रहे थे। पोस्टमार्टम हाउस में तैनात कर्मचारियों की सूचना पर जब सीसीटीवी खंगाले गए तो पता चला कि शव वृंदावन पुलिस द्वारा भेजा गया था लेकिन बिना किसी एंट्री के ही वह शव रखकर चले गए और फिर उसकी सुधि नहीं ली।
विज्ञापन
मामले की जांच के आदेश एसएसपी श्लोक कुमार ने दिए थे। आदेश पर एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने सीओ सदर संदीप कुमार सिंह को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे। आदेश को 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल सका कि आखिर इस कृत्य के लिए कौन दोषी है। दरअसल सीसीटीवी फुटेज से यह साफ है कि कोई वर्दीधारी ही शव लेकर आया था। साथ ही यह भी पुष्ट हो चुका है कि शव वृंदावन कोतवाली क्षेत्र से लाया गया था। ऐसे में अब जाहिर है कि जांच की आंच भी पुलिसकर्मियों पर ही आएगी। शायद इसीलिए जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
विज्ञापन
लावारिस शव की दुर्गति का गुनहगार कौन
10 दिन तक लावारिस शव मोर्चरी में सड़ने और उसका अंतिम संस्कार न होने से सिस्टम का अमानवीय चेहरा पहले ही सबके सामने आ चुका है। 22 जून की रात में ही वृंदावन पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन अब उसे न्याय नहीं मिल सका।
-मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
-संदीप कुमार, सीओ सदर