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UP: वृंदावन में खरीदी वर्दी...बन गया डीएसपी, शराब के ठेके पर ऐसा बहका; खुल गई फर्जीवाड़े की पोल
Fri, 25 Jul 2025 02:15 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 25 Jul 2025 02:15 PM IST
सार
वृंदावन में पुलिस ने जिस फर्जी डीएसपी को पकड़ा है, वो शराब के ठेके से वसूली करते हुए पकड़ा गया।
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फर्जी पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
वृंदावन में एक फर्जी डीएसपी को पुलिस ने रंगेहाथ दबोच लिया। वह शराब की ठेकों पर वसूली करने के लिए पहुंचा था। आरोपी पूर्व में भी जेल जा चुका है। पुलिस उसके बारे में जांच कर रही है।
वृंदावन थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रशांत कपिल ने बताया कि सिद्धार्थ चक्रवती निवासी चंदन नगर, हुगली, पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। वह पांच जुलाई को वृंदावन में आया। यहां कई दिनों तक पूरे वृंदावन में घूमा और फिर 16 जुलाई को उसने पुलिस के सीओ रैंक के अधिकारी की वर्दी खरीद ली। इसके बाद वो रौब झाड़ने लगा।
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वृंदावन थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रशांत कपिल ने बताया कि सिद्धार्थ चक्रवती निवासी चंदन नगर, हुगली, पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। वह पांच जुलाई को वृंदावन में आया। यहां कई दिनों तक पूरे वृंदावन में घूमा और फिर 16 जुलाई को उसने पुलिस के सीओ रैंक के अधिकारी की वर्दी खरीद ली। इसके बाद वो रौब झाड़ने लगा।
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शराब के ठेके पर बहक गया
बताया गया है कि सिद्धार्थ चक्रवती ई-रिक्शा चालकों से भी वसूली करने लगा। वो शराब के ठेके पर भी वसूली करने के लिए आया था, लेकिन यहां वो बहक गया। लोगों को उस पर शक होने लगा, जिसके बाद जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस को इस बात की जानकारी मिली तो उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया और उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। पहले तो उसने प्रभाव में लेने की कोशिश की लेकिन वह सवाल जवाब में फंस गया। आरोपी ने बताया कि हुगली पुलिस पहले भी उसे जेल भेज चुका है। वहां भी वह फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वसूली करने में लगा था।
बताया गया है कि सिद्धार्थ चक्रवती ई-रिक्शा चालकों से भी वसूली करने लगा। वो शराब के ठेके पर भी वसूली करने के लिए आया था, लेकिन यहां वो बहक गया। लोगों को उस पर शक होने लगा, जिसके बाद जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस को इस बात की जानकारी मिली तो उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया और उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। पहले तो उसने प्रभाव में लेने की कोशिश की लेकिन वह सवाल जवाब में फंस गया। आरोपी ने बताया कि हुगली पुलिस पहले भी उसे जेल भेज चुका है। वहां भी वह फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वसूली करने में लगा था।