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न आरक्षण पर बोले, न भूमि अधिग्रहण पर
चंद्रमोहन शर्मा
Updated Tue, 26 May 2015 12:38 AM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 55 मिनट के भाषण में अपनी सरकार की खूबियों का बखान किया तो पिछली यूपीए सरकार की खामियों की बखिया भी उधेड़ी। खुद को ‘मिस्टर क्लीन’ और अपनी सरकार को ‘करप्शन फ्री’ साबित करने में भी कसर नहीं छोड़ी। लेकिन कई ऐसे मुद्दों को नहीं छुआ, जिन पर हल्ला मचा हुआ है। न भूमि अधिग्रहण बिल पर एक शब्द बोले और न ही जाट और गुर्जर आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर अपनी सरकार का नजरिया पेश किया।
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को हथियार बनाकर राहुल गांधी मोदी सरकार को घेरने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। उनकी तैयारी इस मुद्दे पर जल्द ही यूपी में पदयात्रा करने की है। पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर हल्ला मचा रखा है। उम्मीद थी कि मोदी कांग्रेस को करारा जवाब देंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं बोला। क्रीम कलर का कुर्ता पहनकर आए मोदी ने राहुल गांधी के ‘सूट-बूट वाली सरकार’ के आरोप पर भी कुछ न कहना ही बेहतर समझा।
उनसे हर सवाल का जवाब मिलने की उम्मीद इसलिए थी क्योंकि जनसभा उनकी सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में हो रही थी। मोदी जिस मथुरा जनपद में जनसभा करने आए थे, वह जाट बहुल है। इसके बावजूद जाट आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने अपनी सरकार का रुख नहीं बताया, जबकि भाजपा के जाट नेता भी जाट आरक्षण के पक्ष में बयान देते रहे हैं। आरक्षण के ही मुद्दे पर राजस्थान में गुर्जरों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। इस मुद्दे पर भी पीएम ने कुछ नहीं कहा। उनका पूरा भाषण अपनी सरकार की एक साल की उपलब्धियां गिनाने और पिछली यूपीए सरकार की खामियां बताने पर ही फोकस रहा।
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भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को हथियार बनाकर राहुल गांधी मोदी सरकार को घेरने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। उनकी तैयारी इस मुद्दे पर जल्द ही यूपी में पदयात्रा करने की है। पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर हल्ला मचा रखा है। उम्मीद थी कि मोदी कांग्रेस को करारा जवाब देंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं बोला। क्रीम कलर का कुर्ता पहनकर आए मोदी ने राहुल गांधी के ‘सूट-बूट वाली सरकार’ के आरोप पर भी कुछ न कहना ही बेहतर समझा।
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उनसे हर सवाल का जवाब मिलने की उम्मीद इसलिए थी क्योंकि जनसभा उनकी सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में हो रही थी। मोदी जिस मथुरा जनपद में जनसभा करने आए थे, वह जाट बहुल है। इसके बावजूद जाट आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने अपनी सरकार का रुख नहीं बताया, जबकि भाजपा के जाट नेता भी जाट आरक्षण के पक्ष में बयान देते रहे हैं। आरक्षण के ही मुद्दे पर राजस्थान में गुर्जरों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। इस मुद्दे पर भी पीएम ने कुछ नहीं कहा। उनका पूरा भाषण अपनी सरकार की एक साल की उपलब्धियां गिनाने और पिछली यूपीए सरकार की खामियां बताने पर ही फोकस रहा।
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