फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Patients are maintaining distance through Abha App

Mathura News: आभा एप से मरीज बना रहे दूरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Aug 2025 01:14 AM IST
विज्ञापन
Patients are maintaining distance through Abha App
मथुरा। जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने को लाइन लगे मरीज और तीमारदार। - फोटो : mathura
मथुरा। जिला और महिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को लाइन न लगना पड़े इसके लिए शासन ने आभा एप शुरू किया था। जिला और महिला अस्पताल में नवंबर 2023 से एप के जरिए पर्चा बनवाने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन करीब दो साल बाद भी लोग इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। यही कारण है कि प्रतिदिन अस्पताल आने वाले 14 सौ मरीजों में से एकाध ही मरीज ऐसा होता है जो कि आभा एप के जरिए अपना पर्चा बनवाता है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में रोजाना 14 सौ करीब मरीज अपना उपचार कराने के लिए आते हैं। पर्चा बनाने के लिए जिला अस्पताल में चार काउंटर हैं जबकि महिला अस्पताल में दो काउंटर बने हुए हैं। इसके बावजूद पर्चा काउंटरों पर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। जिला अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को पर्चा बनाने की लाइन से बचाने के लिए जिला और महिला अस्पताल में नवंबर 2023 में आभा एप से पर्चा बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
विज्ञापन

इसके लिए दोनों अस्पतालों में पर्चा काउंटरों पर आभा एप के क्यूआर कोड चिपकाए गए हैं। बावजूद लोग आभा एप से पर्चा नहीं बनवा रहे हैं। यही कारण है कि महिला और जिला अस्पताल में पर्चा काउंटरों पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। दोनों ही अस्पतालों में पर्चा काउंटरों पर एक कर्मचारी लोगों को आभा एप से पर्चा बनाने की जानकारी देने को तैनात भी किया गया है, लेकिन लोग आभा एप के स्थान पर सीधे पर्चा बनवाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसके पीछे जागरूकता का अभाव तो है साथ ही लोग आभा एप के जरिए पर्चा बनाने के झंझट में नहीं पड़ना चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल और महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल कपरवार ने बताया कि टिकट काउंटर पर कर्मचारी मरीजों से आभा एप से पर्चा बनाने को कहते हैं, लेकिन लोग सीधे पर्चा बनाने की मांग करते हैं। लोग आभा एप का इस्तेमाल कैसे किया जाता है यह भी सीखना नहीं चाहते हैं।




आभा एप का इस्तेमाल न करने के यह हैं प्रमुख कारण
- आभा एप मोबाइल में डाउनलोड करना।
- मोबाइल में एप डाउनलोड करने के बाद उसमें मरीज की जानकारी भरना।
- पर्चा काउंटर पर आने के बाद कर्मचारी से आभा एप से बनाए पर्चा को जनरेट कराना।
- जनरेटर कराने के लिए मोबाइल में आए ओटीपी को शेयर न करना।


रक्षाबंधन पर 12 बजे तक खुले दोनों अस्पताल
रक्षाबंधन के त्योहार के चलते जहां सभी विभागों की छुट्टी थी, वहीं जिला और महिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक चिकित्सकों ने ओपीडी में मरीजों को देखा। बारिश और त्योहार के चलते शनिवार को अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या काफी कम रही। जिला अस्पताल में त्योहार पर दुर्घटना के कारण घायल होने वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। आपातकालीन विभाग में तैनात चिकित्सक उनका उपचार करने में लगे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed