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UP News: जेल में मुख्तार से ली अपराध की पाठशाला... बन गया आतंक का दूसरा रूप; अब STF ने मुठभेड़ में मार गिराया
Thu, 08 Aug 2024 04:08 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 08 Aug 2024 04:08 PM IST
सार
मऊ दंगे के आरोप में जेल में बंद रहने के दौरान कुख्यात पंकज यादव ने मुख्तार से अपराध की पाठशाला ली थी।अब STF ने इसे मुठभेड़ में मार गिराया।
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मुठभेड़ में अपराधी के मारे जाने के बाद मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश के मथुरा में पंकज यादव चोरी के मुकदमे में 2007 में गाजीपुर जेल गया था। वहां उस वक्त माफिया रहा मुख्तार अंसारी मऊ दंगे के आरोप में बंद था। पुलिस महकमे के लोग बताते हैं कि पंकज की जेल में मुख्तार से मुलाकात हुई। नौजवान और पैसों के लालची पंकज को मुख्तार ने अपने झांसे में ले लिया। पंकज जेल में मुख्तार की सेवा करने लगा था। मुख्तार से उसने अपराध की पाठशाला ली थी।
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पंकज यादव शॉर्प शूटर ही नहीं, बल्कि शातिर दिमाग भी था। एसटीएफ आगरा के इंस्पेक्टर यशपाल शर्मा बताते हैं कि पंकज अपने पास मोबाइल तो रखता था। मगर, सिम नहीं लगाता था। उसने एक व्हाट्सएप अकाउंट बना रखा था। उसी पर चैटिंग व कॉलिंग करता था। इसके लिए वह एक इंटरनेट डोंगल रखा था।
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इतना ही नहीं, वह जब भी किसी से बात करता तो अपने मूल स्थान से कम से कम 100 किमी दूर दूसरे जिले या प्रदेश में चला जाता था। यही कारण है कि वह जल्द पुलिस की पकड़ में नहीं आता था। वह लगातार अपने रहने के ठिकाने भी बदलता था।
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पंकज के साथी अपराधी काली पासी को एसटीएफ ने 23 जून 2010 को मुठभेड़ में मार गिराया था। पंकज ने उसी की पत्नी से दूसरी शादी कर ली थी। पंकज के परिवार में तीन भाई और एक बहन हैं। उसकी बहन लुधियाना में रहती है।