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जवाहरबाग सुंदरीकरण प्रोजेक्ट की जांच के आदेश
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 31 Mar 2017 12:00 AM IST
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जवाहरबाग का सुंदरीकरण कार्य
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जवाहरबाग को खूबसूरत बनाने में हो रहे घपले पर डीएम की नजर भी टेढ़ी हो गई है। अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए उन्होंने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रोजेक्ट की पत्रावलियां निर्माण निगम से मांगी गई हैं।
शुक्रवार को अमर उजाला ने ‘जवाहरबाग हिंसा के दाग मिटाने में भी धांधली’ खबर प्रकाशित की थी। इसमें 247 एकड़ में फैले जवाहरबाग में निर्माण कार्य कराने के तौर तरीके पर सवाल उठाए गए। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम नितिन बंसल ने इस पूरे मामले की पत्रावलियां राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर से मांगी हैं। उन्होंने कहा कि अनियमितता सामने आने पर शासन को रिपोर्ट भेजते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
एसपी सिटी और एसओ फरह समेत 29 लोगों की मौत के बाद देशभर की सुर्खियां बने जवाहर बाग को लोहिया पार्क में तब्दील करने का फैसला तत्कालीन अखिलेश सरकार ने लिया था। इसके लिए राजकीय निर्माण निगम को अधिकृत किया गया। 66 करोड़ के प्रस्तावित प्रोजेक्ट के शुरुआती दिनों में ही अफसरों ने बगैर टेंडर के काम बांट दिए। इसमें भी वरीयता लखनऊ के ठेकेदारों को दी गई।
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शुक्रवार को अमर उजाला ने ‘जवाहरबाग हिंसा के दाग मिटाने में भी धांधली’ खबर प्रकाशित की थी। इसमें 247 एकड़ में फैले जवाहरबाग में निर्माण कार्य कराने के तौर तरीके पर सवाल उठाए गए। इसका संज्ञान लेते हुए डीएम नितिन बंसल ने इस पूरे मामले की पत्रावलियां राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर से मांगी हैं। उन्होंने कहा कि अनियमितता सामने आने पर शासन को रिपोर्ट भेजते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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एसपी सिटी और एसओ फरह समेत 29 लोगों की मौत के बाद देशभर की सुर्खियां बने जवाहर बाग को लोहिया पार्क में तब्दील करने का फैसला तत्कालीन अखिलेश सरकार ने लिया था। इसके लिए राजकीय निर्माण निगम को अधिकृत किया गया। 66 करोड़ के प्रस्तावित प्रोजेक्ट के शुरुआती दिनों में ही अफसरों ने बगैर टेंडर के काम बांट दिए। इसमें भी वरीयता लखनऊ के ठेकेदारों को दी गई।
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