फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   opening of ved pathshala in vrindavan

‘वेद शिक्षा के बिना भारत नहीं बन सकता विश्वगुरु’

Wed, 23 Sep 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन Updated Wed, 23 Sep 2015 11:53 PM IST
विज्ञापन
opening of ved pathshala in vrindavan
महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान की ओर से रुक्मिणी विहार में स्थापित वेद विद्यालय का उद्घाटन संत श्रीगुलाबराव महाराज के शताब्दि भक्ति महोत्सव पर प्रात:काल वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य विद्यालय के संस्थापक स्वामी गोविंद गिरी महाराज के सानिध्य में किया गया। इस अवसर पर हरियाणा पंजाब के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी, भारत माता मंदिर के संस्थापक पद्मभूषण सत्यमित्रानंद गिरी महाराज, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, श्रीरामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास और स्वामी गोविंद गिरी महाराज ने हवन में पूर्णाहुति दी। ठाकुरजी के समक्ष दीप प्रज्वलन और शिला पट्टिका के अनावरण के साथ विद्यालय का शुभारंभ हो गया। इसके बाद मंच से पद्मभूषण सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने कहा कि जब तक हम देश के घर-घर में वेद की शिक्षा पहुंचाने में सफल नहीं होंगे, तब तक भारत विश्व गुरु नहीं बन सकता है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि देश का कल्याण करने के लिए गाय और वेद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि संतों के चरण और भगवान की शरण से आचरण की शुद्धि होती है। मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि आज वेद पाठशालाएं उपेक्षित हैं। गाय बिना गति नहीं और वेद बिना मति नहीं है। गायों के संरक्षण से ब्राह्मण संरक्षित होंगे और ब्राह्मणों के संरक्षित होने से मानव जाति का संरक्षण होगा। साथ ही वेदों का प्रचार प्रसार होगा।
विज्ञापन


श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास ने कहा कि वेद विद्यालय की स्थापना एक सराहनीय कार्य है। सभी को गौ माता और वेदों को मुख्य कार्य मानकर धर्म की रक्षा करनी चाहिए। पंजाब हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि भारत एक ऐसा राष्ट्र है जिसका उदय किसी राजा ने नहीं बल्कि संतों ने किया है। भारत राष्ट्र विचारों से जाना जाता है। यहां विचारों की रक्षा की जरूरत है। कहीं ऐसा न हो कि विकास की ओर बढ़ते कदम विचारों की रक्षा न कर पाएं। हमें विकास करते-करते राम की अयोध्या और कृष्ण के वृंदावन को भी बनाए रखना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार पानीपत में वेद पाठशाला खोलने जा रही है। साथ ही कुरुक्षेत्र में स्वामी ज्ञानानंद महाराज के गीता जीयो प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने छह एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है। इसके बाद राज्यपाल ने वृंदावन के वेद विद्यालय के लिए राजकोष से 10 लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की। पद्मभूषण डा. विजय भटकर ने कहा कि आज हम अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ाने के लिए भेजते हैं। जिस दिन विदेशों के बच्चे भारत में शिक्षा लेने आने लगेंगे, वास्तव में उस दिन भारत विश्व गुरु होगा।


विद्यालय संस्थापक गोविंद गिरी महाराज ने कहा कि 25 वर्ष पूर्व एक भवन से शुरू हुआ प्रकल्प आज देश के विभिन्न राज्यों में 25 वेद विद्यालय के रूप में सभी के सामने है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद महाराज, महामंडलेश्वर नवल गिरी, महंत फूलडोल बिहारीदास, स्वामी राजेश्वरानंद, पार्को आल्वारेस, प्रो. जानफरेस के अलावा, विनीत सर्राफ, ब्रजमोहन अग्रवाल, सीबी जालौन, विष्णु गोयंका, चनलाल, नारायणदास मारू, दिनेश गर्ग, संतोष महापात्रा आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed