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Mathura News: अब खुले आसमान के नीचे बैठकर नहीं पढ़ेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे
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मथुरा। अमर उजाला की मुहिम का बड़ा असर हुआ है। अब परिषदीय स्कूलों के बच्चे तंबू या खुले आसमान के नीचे बैठकर नहीं पढ़ेंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने बीएसए को ऐसे सभी विद्यालयों की सूची तैयार करने के लिए कहा है। इसके बाद छात्रों को सुविधा अनुसार नए भवनों में शिफ्ट किया जाएगा।
स्कूली भवनों को लेकर चलाया गया अमर उजाला का अभियान कारगर साबित हो रहा है। दरअसल, जिले के विभिन्न स्कूलों के जर्जर भवनों को तोड़ तो दिया गया था पर बच्चों को सही स्थान पर शिफ्ट नहीं किया गया। ऐसे में बच्चे या तो खुले में पढ़ रहे हैं या तंबू में। कई जगह तो सड़कों पर बच्चों की कक्षाएं चल रही हैं। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो अधिकारियों ने गंभीरता से इस पर संज्ञान लिया है। मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना ने पूरे प्रकरण को लेकर बीएसए सुनील दत्त के साथ विस्तार से वार्ता की है। जिले के हर उस विद्यालय की सूची मांगी है जिसमें इस समय भवन नहीं है।
सीडीओ के निर्देश पर बीएसए ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों का चिह्नीकरण कर सूची बनाने का काम सौंप दिया है। बीएसए ने बताया कि एक सप्ताह में ऐसे सभी विद्यालयों की सूची तैयार कर ली जाएगी। विद्यालय की छात्र संख्या और छात्रों को सुविधा अनुसार दूसरे विद्यालय में शिफ्ट करने का काम किया जाएगा। छात्रों को किस विद्यालय या भवन में आसानी से शिफ्ट किया जा सकता है, इसकी भी सूची बनाने को कहा गया है।
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नए निर्माण का भी प्रस्ताव भेजा
जिन विद्यालयों में कंडम भवनों की नीलामी और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद एक भी कक्ष बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं बचा है ऐसे स्कूलों में शीघ्रता से भवन निर्माण करना होगा। इन विद्यालयों में भवन निर्माण के लिए परियोजना निदेशक को प्रस्ताव भेजा जाएगा। शासन से भी इसके लिए पत्र व्यवहार किया जाएगा।
नगला पूरिया उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए तीसरी तलाश
उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला पूरिया के छात्र जल्दी ही नए भवन में शिफ्ट होंगे। ये बच्चे तंबू में पढ़ रहे हैं। बीएसए ने बताया कि छात्रों को पढ़ाने के लिए दो भवन बताए गए थे लेकिन स्कूली छात्रों ने दोनों भवनों में जाने से इंकार कर दिया है। अब फिर से छात्रों के लिए एक बड़े कमरे की तलाश की जा रही है। जहां विद्यालय में पढ़ने वाले 30 छात्र आसानी से शिक्षा ग्रहण कर सकें।
- बीएसए से वार्ता की गई है। जिन विद्यालयों के कमरे ध्वस्त किए जा चुके हैं, उनकी सूची तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया है। जल्दी ही खुले में पढ़ने वाले सभी छात्रों को दूसरे विद्यालयों या भवनों में शिफ्ट किया जाएगा। विद्यालय के भवनों को निर्माण जल्दी हो। इसके लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। मनीष मीना(मुख्य विकास अधिकारी)
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स्कूली भवनों को लेकर चलाया गया अमर उजाला का अभियान कारगर साबित हो रहा है। दरअसल, जिले के विभिन्न स्कूलों के जर्जर भवनों को तोड़ तो दिया गया था पर बच्चों को सही स्थान पर शिफ्ट नहीं किया गया। ऐसे में बच्चे या तो खुले में पढ़ रहे हैं या तंबू में। कई जगह तो सड़कों पर बच्चों की कक्षाएं चल रही हैं। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो अधिकारियों ने गंभीरता से इस पर संज्ञान लिया है। मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना ने पूरे प्रकरण को लेकर बीएसए सुनील दत्त के साथ विस्तार से वार्ता की है। जिले के हर उस विद्यालय की सूची मांगी है जिसमें इस समय भवन नहीं है।
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सीडीओ के निर्देश पर बीएसए ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों का चिह्नीकरण कर सूची बनाने का काम सौंप दिया है। बीएसए ने बताया कि एक सप्ताह में ऐसे सभी विद्यालयों की सूची तैयार कर ली जाएगी। विद्यालय की छात्र संख्या और छात्रों को सुविधा अनुसार दूसरे विद्यालय में शिफ्ट करने का काम किया जाएगा। छात्रों को किस विद्यालय या भवन में आसानी से शिफ्ट किया जा सकता है, इसकी भी सूची बनाने को कहा गया है।
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नए निर्माण का भी प्रस्ताव भेजा
जिन विद्यालयों में कंडम भवनों की नीलामी और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद एक भी कक्ष बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं बचा है ऐसे स्कूलों में शीघ्रता से भवन निर्माण करना होगा। इन विद्यालयों में भवन निर्माण के लिए परियोजना निदेशक को प्रस्ताव भेजा जाएगा। शासन से भी इसके लिए पत्र व्यवहार किया जाएगा।
नगला पूरिया उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए तीसरी तलाश
उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला पूरिया के छात्र जल्दी ही नए भवन में शिफ्ट होंगे। ये बच्चे तंबू में पढ़ रहे हैं। बीएसए ने बताया कि छात्रों को पढ़ाने के लिए दो भवन बताए गए थे लेकिन स्कूली छात्रों ने दोनों भवनों में जाने से इंकार कर दिया है। अब फिर से छात्रों के लिए एक बड़े कमरे की तलाश की जा रही है। जहां विद्यालय में पढ़ने वाले 30 छात्र आसानी से शिक्षा ग्रहण कर सकें।
- बीएसए से वार्ता की गई है। जिन विद्यालयों के कमरे ध्वस्त किए जा चुके हैं, उनकी सूची तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया है। जल्दी ही खुले में पढ़ने वाले सभी छात्रों को दूसरे विद्यालयों या भवनों में शिफ्ट किया जाएगा। विद्यालय के भवनों को निर्माण जल्दी हो। इसके लिए प्रयास तेज किए जाएंगे। मनीष मीना(मुख्य विकास अधिकारी)