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अब सूबे में ढूंढे जाएंगे काली कमाई के कुबेर

Mon, 14 Nov 2016 11:03 PM IST
पुनीत शर्मा
पुनीत शर्मा Updated Mon, 14 Nov 2016 11:03 PM IST
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now search for black money holder in up
black money
उत्तर प्रदेश में काली कमाई के कुबेर तलाशे जाएंगे। रातोंरात धनवान बने लोगों की कुंडली सरकारी एजेंसियां तैयार कर रही हैं। पहले चरण में विजिलेंस ही ढाई सौ लोगों की जांच कर रही है जबकि एसआईटी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वालों की जांच के लिए शासन से अनुमति मांगी है।
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काले धन और भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद मची अफरातफरी के बीच सरकारी एजेंसियों ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने वाले या फिर चमत्कारिक तरीके से मालदार बनने वाले लोगों पर खुफिया निगाहें लग गई हैं। अकेले विजिलेंस विभाग ही 250 जांचें कर रहा है।
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इनमें कई अधिकारी और राजनेता भी शामिल हैं। इनकी संपत्ति का पूरा ब्यौरा तलाशा जा रहा है। बैंक एकाउंट खंगाले जा रहे हैं। बड़े शहरों में बनी कोठियों को नापा जा रहा है। इनमें लखनऊ, आगरा, कानपुर, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर और बरेली मंडल की जांचें हैं। 
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अफसरों का कहना है कि दिसंबर तक सभी जांचों को पूरा किया जाना है। वहीं एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम) ने भी कुछ लोगों की संपत्ति की जांच के लिए शासन से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के साथ ही संपत्ति की जांच शुरू कर दी जाएगी। इसमें कुछ अधिकारी खाद्यान्न घोटाले में फंस रहे हैं जबकि कुछ वजीफा घोटाले में।

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के नाम से प्रदेशभर में फर्जी मार्कशीट जारी की गई हैं। इस रैकेट में भी कुछ अधिकारी फंस रहे हैं। इनकी संपत्ति की भी जांच कराई जा रही है। एसआईटी के एडीजी महेंद्र मोदी ने बताया कि शासन स्तर से सभी जांच आवंटित की जाती हैं।

 
जमा हो रही बड़ी रकम पर इनकम टैक्स की निगाह
एक हजार और 500 के नोट बंद होने के बाद बैंकों में जमा कराई जाने वाली रकम पर इनकम टैक्स विभाग ने निगाह गढ़ा दी है। नियम यह है कि दो लाख से ऊपर जो भी रकम बैंक में जमा होगी उसकी सूचना विभाग को दी जाएगी। जबकि दस लाख से ऊपर की रकम जमा करने वाले को फार्म भरना होगा। इस फार्म में रकम के बारे में पूरी डिटेल भरनी होगी। पैसा कहां से आया, क्या स्रोत है, सब बताना होगा।
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