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सूख रहा धान, बिन बारिश खेती बेजान
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नौहझील क्षेत्र में पानी के अभाव में सूखती धान की फसल
- फोटो : MATHURA
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नौहझील। आसमान में उमड़ते बादल किसानों को दिलासा तो दे रहे हैं, पर झमाझम बारिश न होने के कारण क्षेत्र में धान की फसल चौपट हो रही है। पानी के अभाव में नर्सरी मेें खड़ी धान की पौध सूख रही है। धान रोपाई के लिए पानी का जबरदस्त संकट खड़ा हो गया है। कम बारिश को देखते हुए किसान धान की जगह ज्वार, बाजरा व तिल आदि की खेती का मन बना रहे हैं। छिटपुट बूंदाबांदी से ज्वार-बाजरा की बुआई भी नहीं हो पा रही है।
बोले किसान निजी संसाधनों पर ही निर्भर
- पानी न बरसने से धान नहीं लगा पा रहे हैं। जिन लोगों के पास निजी नलकूप हैं, वह पहले अपने खेतों में पानी लगा कर धान लगा रहे हैं। पानी बरसे तो सबके धान लगना शुरू हों।
- संतलाल चौधरी, मरहला मुक्खा
- बादल आते हैं और थोड़ी बूंदाबांदी कर चले जाते हैं। पिछली बार बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। अब बारिश न होने कारण ऐसा लगा रहा है कि धान की फसल नहीं होगी।
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- ताहर सिंह, देदना
- हर बार प्रकृति किसानों का ही नुकसान कर रही है। अभी 25 फीसदी धान नहीं लग पाए हैं, जो किसी तरह लगाए जा रहे हैं, वे बिना बारिश के पीले पड़ते जा रहे हैं।
- राजकुमार तोमर, भाकियू जिलाध्यक्ष
- अब बारिश का समय है, तो नहीं हो रही है। ऐसे में हम लोग धान नहीं लगा पा रहे हैं। यही हाल रहा तो कुछ किसान धान लगाने से वंचित रह जाएंगे। आज-कल में बारिश की किसान आस लगाए हैं।
- गिरिराज प्रसाद वशिष्ठ, राष्ट्रीय महासचिव किसान कल्याण समिति
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बोले किसान निजी संसाधनों पर ही निर्भर
- पानी न बरसने से धान नहीं लगा पा रहे हैं। जिन लोगों के पास निजी नलकूप हैं, वह पहले अपने खेतों में पानी लगा कर धान लगा रहे हैं। पानी बरसे तो सबके धान लगना शुरू हों।
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- संतलाल चौधरी, मरहला मुक्खा
- बादल आते हैं और थोड़ी बूंदाबांदी कर चले जाते हैं। पिछली बार बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। अब बारिश न होने कारण ऐसा लगा रहा है कि धान की फसल नहीं होगी।
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- ताहर सिंह, देदना
- हर बार प्रकृति किसानों का ही नुकसान कर रही है। अभी 25 फीसदी धान नहीं लग पाए हैं, जो किसी तरह लगाए जा रहे हैं, वे बिना बारिश के पीले पड़ते जा रहे हैं।
- राजकुमार तोमर, भाकियू जिलाध्यक्ष
- अब बारिश का समय है, तो नहीं हो रही है। ऐसे में हम लोग धान नहीं लगा पा रहे हैं। यही हाल रहा तो कुछ किसान धान लगाने से वंचित रह जाएंगे। आज-कल में बारिश की किसान आस लगाए हैं।
- गिरिराज प्रसाद वशिष्ठ, राष्ट्रीय महासचिव किसान कल्याण समिति