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Mathura News: मथुरा संग्रहालय में नहीं लाई गई बाहर से कोई कलाकृति
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मथुरा। अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर शनिवार को मथुरा संग्रहालय में एक प्रदर्शनी शिक्षा एवं अनुसंधान के केंद्र संग्रहालय का आयोजन किया गया। इसमें भारत के सभी प्रमुख संग्रहालयों के बारे में चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया गया। उद्घाटन मुख्य अतिथि प्राचार्य अमरनाथ गर्ल्स डिग्री कॉलेज डॉ. अनिल वाजपेई ने किया। इस मौके पर मुख्य वक्ता डॉ. गिर्राज शर्मा ने विश्व के विभिन्न संग्रहालय और उनके महत्व के बारे में मौजूद लोगों को जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. अनिल वाजपेई ने कहा कि मथुरा म्यूजियम में मथुरा से ही प्राप्त 50 हजार से अधिक मूर्तियां, सिक्के और कलाकृतियां रखी हैं। कहीं बाहर से कोई कलाकृति नहीं लाई गई है। यही कारण है कि मथुरा म्यूजियम को इस दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा म्यूजियम माना जाता है।
मथुरा संग्रहालय के अध्यक्ष योगेश यादव ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर डॉ. मांडवी राठौर, राशुल संस्कृतयान ने राजकीय जैन संग्रहालय मथुरा पर एक ब्रोशर का भी विमोचन किया। अमरनाथ गर्ल्स डिग्री कॉलेज की अनेक शोधार्थी छात्राओं ने इतिहास संबंधी जानकारी प्राप्त की। संचालन मनीष कुमार ने किया। कार्यक्रम आयोजन में प्रीति साहनी व शैलेश कुमार का योगदान रहा।
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कार्यक्रम का शुुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया गया। उद्घाटन मुख्य अतिथि प्राचार्य अमरनाथ गर्ल्स डिग्री कॉलेज डॉ. अनिल वाजपेई ने किया। इस मौके पर मुख्य वक्ता डॉ. गिर्राज शर्मा ने विश्व के विभिन्न संग्रहालय और उनके महत्व के बारे में मौजूद लोगों को जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. अनिल वाजपेई ने कहा कि मथुरा म्यूजियम में मथुरा से ही प्राप्त 50 हजार से अधिक मूर्तियां, सिक्के और कलाकृतियां रखी हैं। कहीं बाहर से कोई कलाकृति नहीं लाई गई है। यही कारण है कि मथुरा म्यूजियम को इस दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा म्यूजियम माना जाता है।
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मथुरा संग्रहालय के अध्यक्ष योगेश यादव ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर डॉ. मांडवी राठौर, राशुल संस्कृतयान ने राजकीय जैन संग्रहालय मथुरा पर एक ब्रोशर का भी विमोचन किया। अमरनाथ गर्ल्स डिग्री कॉलेज की अनेक शोधार्थी छात्राओं ने इतिहास संबंधी जानकारी प्राप्त की। संचालन मनीष कुमार ने किया। कार्यक्रम आयोजन में प्रीति साहनी व शैलेश कुमार का योगदान रहा।
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