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शबरी, अहिल्या, मीराबाई का करें अनुकरण: निर्मल मनचंदा
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:40 PM IST
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निरंकारी महिला समागम
- फोटो : अमर उजाला
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हाइवे नवादा स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर शनिवार को महिला समागम आयोजित किया गया। इसमें गुड़गांव से आईं निरंकारी प्रचारक निर्मल मनचंदा ने कहा कि घर में सभी सदस्यों को सम्मान दिया जाए। मां हो या सास, बहन हो या ननद, पिता हो या ससुर, हर एक रिश्ते का अपना स्थान हैं।
मनचंदा ने मंथरा, कैकेयी के बजाए, शबरी, अहिल्या, मीराबाई जैसा किरदार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निरंकारी सत्संग से सीख लेकर हजारों नारियों ने अपने घर परिवार की तस्वीर बदल दी। निरंकारी सत्गुरु माता सविंदर हरदेव महाराज की प्रेरणा से हर शहर में निरंकारी सत्संग के माध्यम से सास-बहू, ननद-भाभी, देवरानी-जेठानी, पति-पत्नी के बीच रिश्तों में मिठास लाने और आपस में प्रेम बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
समागम के दौरान बहन गौरी खत्री के नेतृत्व में बालिकाओं ने बेटी बचाओ पर लघु नाटक प्रस्तुत किया। शिखा अरोड़ा ने भी बेटियों को सत्संग से जोड़ने की बात कही। गुड़गांव की हेमा प्रिंस, आगरा की सुमन, गुड्डी, कोसीेकलां की बीना, फरह की पुष्पा सोनिया, सादाबाद की बबली, हर्षिता नाथानी, इंद्रा, बबिता आदि ने प्रेरक गीत और विचारों के माध्यम से प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूती देने की सीख दी। ब्रह्मज्ञान को हर समस्या का समाधान बताया। मीडिया प्रभारी किशोर ‘स्वर्ण’ ने बताया कि निरंकारी सत्गुरु माता सविंदर हरदेव महाराज की प्रेरणा से देश के 110 शहरों में महिला समागम आयोजित किए जा रहे हैं।
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महिलाओं ने संभाली व्यवस्थाएं
महिला संत समागम की सारी व्यवस्थाएं महिलाओं ने संभाल रखी थी। लंगर, पार्किंग, प्याऊ आदि स्थानों पर भाई सेवादर बहनों का सहयोग कर रहे थे। विनोद अरोड़ा, बिसंबर, जितेंद्र, भरत, ओमी, मोहन सिंह, अशोक दयालु आदि का विशेष सहयोग रहा। आभार जिला संयोजक हरविंद्र कुमार ने व्यक्त किया।
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मनचंदा ने मंथरा, कैकेयी के बजाए, शबरी, अहिल्या, मीराबाई जैसा किरदार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निरंकारी सत्संग से सीख लेकर हजारों नारियों ने अपने घर परिवार की तस्वीर बदल दी। निरंकारी सत्गुरु माता सविंदर हरदेव महाराज की प्रेरणा से हर शहर में निरंकारी सत्संग के माध्यम से सास-बहू, ननद-भाभी, देवरानी-जेठानी, पति-पत्नी के बीच रिश्तों में मिठास लाने और आपस में प्रेम बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
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समागम के दौरान बहन गौरी खत्री के नेतृत्व में बालिकाओं ने बेटी बचाओ पर लघु नाटक प्रस्तुत किया। शिखा अरोड़ा ने भी बेटियों को सत्संग से जोड़ने की बात कही। गुड़गांव की हेमा प्रिंस, आगरा की सुमन, गुड्डी, कोसीेकलां की बीना, फरह की पुष्पा सोनिया, सादाबाद की बबली, हर्षिता नाथानी, इंद्रा, बबिता आदि ने प्रेरक गीत और विचारों के माध्यम से प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूती देने की सीख दी। ब्रह्मज्ञान को हर समस्या का समाधान बताया। मीडिया प्रभारी किशोर ‘स्वर्ण’ ने बताया कि निरंकारी सत्गुरु माता सविंदर हरदेव महाराज की प्रेरणा से देश के 110 शहरों में महिला समागम आयोजित किए जा रहे हैं।
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महिलाओं ने संभाली व्यवस्थाएं
महिला संत समागम की सारी व्यवस्थाएं महिलाओं ने संभाल रखी थी। लंगर, पार्किंग, प्याऊ आदि स्थानों पर भाई सेवादर बहनों का सहयोग कर रहे थे। विनोद अरोड़ा, बिसंबर, जितेंद्र, भरत, ओमी, मोहन सिंह, अशोक दयालु आदि का विशेष सहयोग रहा। आभार जिला संयोजक हरविंद्र कुमार ने व्यक्त किया।