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Mathura News: .यूपीआई के नए नियम... लागू होने से पहले ही लोगों पर असर
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मथुरा। यूपीआई के नए नियमों का असर लागू होने से पहले ही लोगों पर दिखाई देने लगा है। लोगों का मानना है कि यह नया नियम 15 अक्तूबर से लागू होगा, लेकिन कुछ कारोबारियों ने अभी से बदलाव शुरू कर दिया है। सरकार ने दो हजार रुपये से ऊपर की खरीदारी का यूपीआई से भुगतान करने पर कारोबारी पर 0.4 फीसदी का कर लगाया है। किसी न किसी माध्यम से यह बोझ भी उपभोक्ता पर ही पड़ेगा।
बुधवार को डैंपियर नगर स्थित अमर उजाला कार्यालय के संवाद कार्यक्रम में शिक्षक और महिलाओं ने यह बातें कहीं। महिलाओं का कहना है कि डिजिटल भुगतान से बहुत लाभ हैं। जिले से बाहर रहकर पढ़ रहे बच्चों को आसानी से रुपये भेजे जा सकते हैं। इसका वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर लेते हैं। वहीं, ऑनलाइन व्यवस्था से अपराध में भी कमी आई है।
अब सरकार के इस कदम से या तो व्यापारी दो हजार रुपये से अधिक का ऑनलाइन भुगतान लेने से मना कर देंगे। या फिर नकद भुगतान की मांग की जाएगी। कुछ लोगों ने कहा कि शुरुआत में डिजिटल की व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार को खासी मशक्कत करनी पड़ी थी। अगर इस पर भी कर लगेगा तो इसके नकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। लोग नकद धनराशि के लिए दोबारा से बैंकों पर निर्भर हो जाएंगे और अनावश्यक बैंकों पर दबाव भी बढ़ेगा।
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लोगों ने कहा कि यह कर किसी न किसी तरह से उपभोक्ता पर ही पड़ेगा। लोगों का कहना है कि सरकार को इस नए नियम को लागू करने से पहले सरकार को एक बार दोबारा से विचार करना चाहिए। इस दौरान देवेंद्र सारस्वत, बलवीर सिंह, जितेंद्र जोशी, हेमंत शर्मा, पवन शर्मा, नीलम अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, प्रमोद कुमार वर्मा, देवेंद्र कुमार शर्मा, गोवर्धन दास गुप्ता, लोकेश गोस्वामी, रेनू राना, प्रीति भटनागर आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को डैंपियर नगर स्थित अमर उजाला कार्यालय के संवाद कार्यक्रम में शिक्षक और महिलाओं ने यह बातें कहीं। महिलाओं का कहना है कि डिजिटल भुगतान से बहुत लाभ हैं। जिले से बाहर रहकर पढ़ रहे बच्चों को आसानी से रुपये भेजे जा सकते हैं। इसका वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल कर लेते हैं। वहीं, ऑनलाइन व्यवस्था से अपराध में भी कमी आई है।
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अब सरकार के इस कदम से या तो व्यापारी दो हजार रुपये से अधिक का ऑनलाइन भुगतान लेने से मना कर देंगे। या फिर नकद भुगतान की मांग की जाएगी। कुछ लोगों ने कहा कि शुरुआत में डिजिटल की व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार को खासी मशक्कत करनी पड़ी थी। अगर इस पर भी कर लगेगा तो इसके नकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। लोग नकद धनराशि के लिए दोबारा से बैंकों पर निर्भर हो जाएंगे और अनावश्यक बैंकों पर दबाव भी बढ़ेगा।
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लोगों ने कहा कि यह कर किसी न किसी तरह से उपभोक्ता पर ही पड़ेगा। लोगों का कहना है कि सरकार को इस नए नियम को लागू करने से पहले सरकार को एक बार दोबारा से विचार करना चाहिए। इस दौरान देवेंद्र सारस्वत, बलवीर सिंह, जितेंद्र जोशी, हेमंत शर्मा, पवन शर्मा, नीलम अग्रवाल, रश्मि अग्रवाल, प्रमोद कुमार वर्मा, देवेंद्र कुमार शर्मा, गोवर्धन दास गुप्ता, लोकेश गोस्वामी, रेनू राना, प्रीति भटनागर आदि मौजूद रहे।