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तहसीलों में फंस गया पालिका सृजन का प्रस्ताव
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 14 Dec 2016 11:40 PM IST
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जिले के चार तहसील मुख्यालय से जुडे़ कस्बों को पालिका बनाए जाने संबंधी भारत सरकार का प्रस्ताव तहसीलों में उलझकर रह गया है। राज्य सरकार के स्तर से इसके लिए एक सप्ताह में मांगी गई रिपोर्ट पांच माह बाद भी तैयार नहीं हो सकी है। एक बार फिर इस रिपोर्ट के लिए निकाय प्रभारी रमेशचंद्र जिले के सभी एसडीएम को याद दिलाने जा रहे हैं।
12 मई 2016 को भारत सरकार के शहरी मंत्रालय ने देश भर के कस्बा क्षेत्र में शहरी सुविधाओं का विस्तार देने के लिए पालिका सृजन का प्रस्ताव दिया। इसके लिए संबंधित कस्बों की लिस्ट जारी करते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। इसमें जिले से जुड़ी मांट, महावन और छाता तहसील मुख्यालय वाले कस्बों के नाम शामिल थे।
भारत सरकार के प्रस्ताव पर राज्य के संयुक्त सचिव सुधीर सिंह चौहान ने 20 जुलाई 2016 को डीएम मथुरा से रिपोर्ट देने को कहा। रिपोर्ट एक सप्ताह में भेजी जानी थी, लेकिन मथुरा पहुंचते-पहुंचते इस प्रस्ताव को 21 दिन और गुजर गए। 11 अगस्त 2016 को डीएम की ओर से जारी इस प्रस्ताव पर अब तक तहसीलों से रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। इसे पांच माह गुजर चुके हैं।
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तहसील मुख्यालयों का ये है दर्जा
जिले में तहसील मुख्यालय छाता को नगर पंचायत का दर्जा है। इसी प्रकार महावन भी नगर पंचायत है। मांट तहसील मुख्यालय दो ग्राम पंचायत का हिस्सा है। गोवर्धन तहसील के गोवर्धन और राधाकुंड को संयुक्त रूप से पालिका बनाए जाने का प्रस्ताव पहले ही राज्य सरकार को प्रस्तावित है। जिले में आबादी और क्षेत्रफल के साथ सुविधाओं पर नजर डालें तो ग्राम पंचायत नौहझील, ओल, अड़ींग, शेरगढ़, कारब, पैगांव, मगोर्रा आदि के ग्रामीण भी नगर पंचायत के लिए प्रयासरत हैं।
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12 मई 2016 को भारत सरकार के शहरी मंत्रालय ने देश भर के कस्बा क्षेत्र में शहरी सुविधाओं का विस्तार देने के लिए पालिका सृजन का प्रस्ताव दिया। इसके लिए संबंधित कस्बों की लिस्ट जारी करते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। इसमें जिले से जुड़ी मांट, महावन और छाता तहसील मुख्यालय वाले कस्बों के नाम शामिल थे।
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भारत सरकार के प्रस्ताव पर राज्य के संयुक्त सचिव सुधीर सिंह चौहान ने 20 जुलाई 2016 को डीएम मथुरा से रिपोर्ट देने को कहा। रिपोर्ट एक सप्ताह में भेजी जानी थी, लेकिन मथुरा पहुंचते-पहुंचते इस प्रस्ताव को 21 दिन और गुजर गए। 11 अगस्त 2016 को डीएम की ओर से जारी इस प्रस्ताव पर अब तक तहसीलों से रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी है। इसे पांच माह गुजर चुके हैं।
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तहसील मुख्यालयों का ये है दर्जा
जिले में तहसील मुख्यालय छाता को नगर पंचायत का दर्जा है। इसी प्रकार महावन भी नगर पंचायत है। मांट तहसील मुख्यालय दो ग्राम पंचायत का हिस्सा है। गोवर्धन तहसील के गोवर्धन और राधाकुंड को संयुक्त रूप से पालिका बनाए जाने का प्रस्ताव पहले ही राज्य सरकार को प्रस्तावित है। जिले में आबादी और क्षेत्रफल के साथ सुविधाओं पर नजर डालें तो ग्राम पंचायत नौहझील, ओल, अड़ींग, शेरगढ़, कारब, पैगांव, मगोर्रा आदि के ग्रामीण भी नगर पंचायत के लिए प्रयासरत हैं।