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शारदीय नवरात्र के पहले दिन देवी शैलपुत्री की आराधना
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मथुरा। नवरात्र के पहले दिन मंदिर में दीप जलाकर पूजा करतीं महिलाएं।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। शारदीय नवरात्र के पहले घर-घर मंगल कलश स्थापित किए गए। भक्तों ने माता रानी की पूजा की। सुबह से ही मंदिरों में अभिषेक के लिए भीड़ लग गई थी। रविवार को पहले दिन शैलपुत्री की पूजा की गई। शाम को देवी मंदिरों में फूल बंगले भी सजाए गए।
मथुरा की मां चामुंडा देवी मंदिर, कंकाली, महाविद्या, पथवारी, कैला देवी, कैंट काली, पाताल देवी, बंगलामुखी आदि देवी मंदिरों पर सुबह से पूजा के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मां का पूजन कर अखंड जोत लगाई। भक्तों ने व्रत रखे। शाम को मंदिरों में मां का फूल बंगले सजाए गए। वहीं मंदिरों में आयोजित भजन संध्या में भक्तों ने देवी भजन गाकर मां का गुणगान किया। जगह जगह देवी जागरण का आयोजन किया गया।
नवरात्र ही शक्ति की पूजा का समय
मथुरा। नवरात्र में 9 दिन तक भगवती दुर्गा का पूजन दुर्गा सप्तशती का पाठ तथा एक समय भोजन का व्रत धारण किया जाता है। साहित्याचार्य शरद चतुर्वेदी ने कहा कि पाठ पूजन के समय अखंड दीपक जलता रहना चाहिए। नवरात्र ही शक्ति की पूजा का समय है इसलिए नवरात्र में शक्तियों की पूजा करनी चाहिए।
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मथुरा की मां चामुंडा देवी मंदिर, कंकाली, महाविद्या, पथवारी, कैला देवी, कैंट काली, पाताल देवी, बंगलामुखी आदि देवी मंदिरों पर सुबह से पूजा के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मां का पूजन कर अखंड जोत लगाई। भक्तों ने व्रत रखे। शाम को मंदिरों में मां का फूल बंगले सजाए गए। वहीं मंदिरों में आयोजित भजन संध्या में भक्तों ने देवी भजन गाकर मां का गुणगान किया। जगह जगह देवी जागरण का आयोजन किया गया।
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नवरात्र ही शक्ति की पूजा का समय
मथुरा। नवरात्र में 9 दिन तक भगवती दुर्गा का पूजन दुर्गा सप्तशती का पाठ तथा एक समय भोजन का व्रत धारण किया जाता है। साहित्याचार्य शरद चतुर्वेदी ने कहा कि पाठ पूजन के समय अखंड दीपक जलता रहना चाहिए। नवरात्र ही शक्ति की पूजा का समय है इसलिए नवरात्र में शक्तियों की पूजा करनी चाहिए।
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