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Mathura News: एमवीडीए का बढ़ेगा दायरा
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) की 110वीं बोर्ड बैठक में गोवर्धन, छाता और सदर तहसील के 93 गांव एमवीडीए में शामिल करने का निर्णय लिया गया। साथ ही छाता में 117 हेक्टेयर में प्रस्तावित टाउनशिप के ले-आउट को मंजूरी मिल गई है। कई अन्य परियोजनाओं को भी धरातल पर उतारा जाएगा, जिससे विकास को गति मिलेगी।
वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में शुक्रवार को मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। एमवीडीए उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन ने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप विकसित की जा रही छाता टाउनशिप से संबंधित प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखे। बोर्ड ने छाता टाउनशिप ले-आउट (डिजाइन-नक्शा व अन्य योजना) संबंधी संबंधित प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी। बड़े पार्क भी विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा एमवीडीए के सीमा विस्तार का प्रस्ताव रखा गया। इसमें गोवर्धन, छाता और सदर तहसील क्षेत्र के 93 गांवों को प्राधिकरण में शामिल करने पर सहमति बनी। मंडलायुक्त ने इस प्रस्ताव को शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र से जुड़े विकास संबंधी अन्य प्रस्तावों पर भी विचार विमर्श किया गया। भू-उपयोग संबंधी अन्य प्रस्तावों पर मंडलायुक्त ने पुन: परीक्षण के आदेश दिए और अवैध निर्माण को पूर्ण रूप से रोकने के लिए कहा है। बैठक में बोर्ड के नामित सदस्य भुवन भूषण कमल, डीएन गौतम, नवीन मित्तल, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त ओजस्वी राज, एमवीडीए सचिव आशीष सिंह आदि मौजूद रहे।
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दो साल पहले शुरू हुई थी टाउनशिप की प्रक्रिया
छाता आवासीय योजना को विकसित करने की प्रक्रिया सितंबर 2024 में शुरू की गई थी। 117 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही इस आधुनिक टाउनशिप में आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के साथ विभिन्न संस्थागत एवं सामुदायिक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। योजना में विद्यालय, महाविद्यालय, ग्रुप हाउसिंग, होटल, सुपर मार्केट, अस्पताल, ईडब्ल्यूएस भूखंड एवं आवास, अतिरिक्त शॉपिंग कॉम्प्लेक्स सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को मिलेगी गति
एमवीडीए के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद अब इसे शासन के स्तर पर भेजा जाएगा। प्रस्ताव पर शासन की मंजूरी के बाद तीन तहसीलों के 93 गांवों में नियोजित विकास, भूमि उपयोग नियंत्रण और विकास प्राधिकरण से संबंधित नियम लागू होने का रास्ता साफ होगा। इससे भविष्य में आवासीय, व्यावसायिक और अन्य आधारभूत विकास परियोजनाओं को एक व्यापक रूप से विकसित किया जाएगा। इससे पहले फरह के 5 गांव परखम, जमालपुर, मीरपुर, धानाखेमा तथा मुस्तफाबाद को प्राधिकरण में शामिल किया गया था।
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वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में शुक्रवार को मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। एमवीडीए उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन ने दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप विकसित की जा रही छाता टाउनशिप से संबंधित प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखे। बोर्ड ने छाता टाउनशिप ले-आउट (डिजाइन-नक्शा व अन्य योजना) संबंधी संबंधित प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी। बड़े पार्क भी विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
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इसके अलावा एमवीडीए के सीमा विस्तार का प्रस्ताव रखा गया। इसमें गोवर्धन, छाता और सदर तहसील क्षेत्र के 93 गांवों को प्राधिकरण में शामिल करने पर सहमति बनी। मंडलायुक्त ने इस प्रस्ताव को शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र से जुड़े विकास संबंधी अन्य प्रस्तावों पर भी विचार विमर्श किया गया। भू-उपयोग संबंधी अन्य प्रस्तावों पर मंडलायुक्त ने पुन: परीक्षण के आदेश दिए और अवैध निर्माण को पूर्ण रूप से रोकने के लिए कहा है। बैठक में बोर्ड के नामित सदस्य भुवन भूषण कमल, डीएन गौतम, नवीन मित्तल, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, नगर आयुक्त ओजस्वी राज, एमवीडीए सचिव आशीष सिंह आदि मौजूद रहे।
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दो साल पहले शुरू हुई थी टाउनशिप की प्रक्रिया
छाता आवासीय योजना को विकसित करने की प्रक्रिया सितंबर 2024 में शुरू की गई थी। 117 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही इस आधुनिक टाउनशिप में आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के साथ विभिन्न संस्थागत एवं सामुदायिक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। योजना में विद्यालय, महाविद्यालय, ग्रुप हाउसिंग, होटल, सुपर मार्केट, अस्पताल, ईडब्ल्यूएस भूखंड एवं आवास, अतिरिक्त शॉपिंग कॉम्प्लेक्स सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को मिलेगी गति
एमवीडीए के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद अब इसे शासन के स्तर पर भेजा जाएगा। प्रस्ताव पर शासन की मंजूरी के बाद तीन तहसीलों के 93 गांवों में नियोजित विकास, भूमि उपयोग नियंत्रण और विकास प्राधिकरण से संबंधित नियम लागू होने का रास्ता साफ होगा। इससे भविष्य में आवासीय, व्यावसायिक और अन्य आधारभूत विकास परियोजनाओं को एक व्यापक रूप से विकसित किया जाएगा। इससे पहले फरह के 5 गांव परखम, जमालपुर, मीरपुर, धानाखेमा तथा मुस्तफाबाद को प्राधिकरण में शामिल किया गया था।