फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Municipal Corporation's arbitrariness...investigation files missing

Mathura News: नगर निगम की मनमानी...जांच की पत्रावलियां गायब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jun 2025 01:25 AM IST
विज्ञापन
Municipal Corporation's arbitrariness...investigation files missing
मथुरा। नगर निगम के अधिकारियों पर तांगा स्टैंड की जमीन बताकर भवन ढहाने के बाद जांच रिपोर्ट गायब करने का आरोप लगा है। पीड़ित ने मामले की आरटीआई द्वारा जानकारी मांगी तो अफसर मनमानी करने लगे और जवाब तक नहीं दे पाए कि ये तांगा स्टैंड की भूमि है या निजी संपत्ति है। जानकारी देने पर एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
विज्ञापन

हालांकि पीड़ित ने जांच की पत्रावलियां गायब होने का दावा किया है। इसमें एक उच्च अधिकारी की संदिग्ध भूमिका बताई जा रही है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है। दूसरी तरफ मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है।
विज्ञापन


डैंपियर नगर के रहने वाले निखिल गर्ग ने बताया है कि उन्होंने कृष्णा नगर में 2019 में एक प्लॉट खरीदा था। इसके निर्माण के लिए 2020 में उन्होंने निगम से एनओसी मांगी तो जारी कर दी। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों की शिकायत कर नगर निगम के अधिकारियों ने तांगा स्टैंड की जमीन बताकर बिना नोटिस दिए निर्माणाधीन भवन को ढहा दिया। इसी बीच पीड़ित ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से मामले में स्टे ले लिया। फिर उनकी मांग पर तत्कालीन नगर आयुक्त ने अपने स्तर से मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी। अभी तक इसकी जांच लंबित है। उन्होंने 26 अप्रैल को आरटीआई द्वारा निगम के अधिकारियों ने जांच आख्या मांगी तो उन्हें गोलमोल जवाब दिया गया। पीड़ित ने निगम के एक उच्च अधिकारी पर जांच आख्या गायब और सांठगांठ करके मामला निपटाने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि वह तांगा स्टैंड की जमीन नहीं है। वह एक निजी प्लॉट है, जबकि निगम ने उसे अपनी भूमि बताकर गलत तरीके से भवन को ध्वस्त कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


---

एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे अधिकारी, नहीं मिल रहीं पत्रावलियां

पीड़ित ने दावा किया है कि नगर निगम के अधिकारियों ने जांच आख्या गायब कर दी है। इसलिए निगम के अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे हैं और एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। आरटीआई द्वारा दी गई जानकारी में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने कहा है कि सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी ने मामले में अभी तक पत्रावलियां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसलिए निगम ने संबंधित मामले में जानकारी देने से इन्कार कर दिया।


वर्जन


प्रकरण संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो पत्राविलयों को दिखवाया जाएगा। यह भी देखा जाएगा कि अब इसकी जांच पूरी क्यों नहीं हुई क्या कारण।
सौरभ सिंह, अपर नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed