फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   mudiya mela going to saturation point

गिरिराज के चारों ओर बनी मानव शृंखला

Thu, 30 Jul 2015 12:12 AM IST
वनविहारी भारद्वाज
वनविहारी भारद्वाज Updated Thu, 30 Jul 2015 12:12 AM IST
विज्ञापन
mudiya mela going to saturation point
मुड़िया पूर्णिमा मेला बुधवार को शिखर स्पर्श करता नजर आया। गिरिराज पर्वत के चारों भक्तों की मानव शृंखला बनने लगी है। संकीर्तन की गूंज के साथ सात कोसीय परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।
विज्ञापन


गिरिराज धाम में पग-पग पर भक्ति और आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। श्रद्धालुओं में परिक्रमा का उत्साह इतना है कि वे बसों में लटक कर यात्रा कर गोवर्धन पहुंच रहे हैं। गिरिराज पर्वत के चारों ओर मानव शृंखला दिखाई दे रही है। परिक्रमार्थियों की भीड़ के आगे रोडवेज की बसें कम पड़ती दिख रहीं हैं।
विज्ञापन


नियत पार्किंग स्थलों पर वाहनों से उतरने के साथ ही श्रद्धालु गिरिराज महाराज के जयकारों के साथ परिक्रमा शुरू कर आगे बढ़ते दिख रहे हैं। परिक्रमा मार्ग में सेवाभावी लोग परिक्रमार्थियों की सेवा में हाथ पसारे खड़े दिखाई दे रहे हैं। पूरे मेला क्षेत्र में चारों ओर भक्ति और आस्था का संगम दिखाई दे रहा है। वाहनों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंद्र भी अगवानी को तैयार
गोवर्धन। गिरिराज महाराज की नगरी में इस समय सात जन्मों के बंधनों से मुक्ति और तमाम मनोकामना मन में संजोए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। तीन दिन में लाखों श्रद्धालु गिरि परिक्रमा कर चुके हैं। इधर आसमान पर छाए बादल, ठंडी हवाएं भी भक्तों का उत्साह बढ़ा रही हैं। मानो इंद्र स्वयं गिरिराज के भक्तों की अगवानी कर रहे हैं।

परिक्रमा मार्ग के ये हैं आकर्षण
दानघाटी पर दूध, फूल चढ़ाने के बाद भीड़ का रेला आन्यौर परिक्रमा मार्ग होते हुए पूंछरी का लौठा राजस्थान पहुंचता है। पूंछरी से जतीपुरा मुखारबिंद मंदिर के दर्शन कर श्रद्धालु मानसी गंगा और राधाकुंड होते हुए पुन: दानघाटी मंदिर पर परिक्रमा समाप्त करते हैं।

यूं तो 21 किलोमीटर की यह परिक्रमा आमतौर पर पांच घंटे में पूरी हो जाती है, लेकिन भीड़ के दबाव के चलते परिक्रमा को पूरा करने में आठ घंटे का वक्त लग रहा है। गिरि परिक्रमा के उपरांत मानसी गंगा में स्नान करके श्रद्धालुओं के गंतव्य को प्रस्थान करने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।


हालांकि मुख्य पर्व 31 जुलाई का है। गिरिराज दानघाटी मंदिर के बाद संत गया प्रसाद की समाधि स्थल, पूंछरी का लौठा, जतीपुरा, राधाकुंड-श्यामकुंड, गिरिराज मुखारबिंद मुकुट मंदिर और मानसी गंगा आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed