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एक माह में तीन ग्रहण, एक नजर आएगा दो नहीं
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मथुरा। जब कभी एक महीने में तीन या इससे ज्यादा ग्रहण आ जाएं तो ज्योतिष गणना के तहत इसे चिंता का विषय माना जाता है। इस बार 5 जून से 5 जुलाई के बीच तीन ग्रहण से ज्योतिषी चिंतित हैं। इस अवधि में दो चंद्र और एक सूर्य ग्रहण है।
ज्योतिष गणना पर पकड़ रखने वाले महेश भारद्वाज बताते हैं कि एक माह में तीन ग्रहण चिंता का विषय है। 5 जून को चंद्रग्रहण में शुक्र, गुरु, शनि वक्री रहेंगे। इनका अर्थव्यवस्था पर प्रभाव होगा। शेयर बाजार से जुड़े लोग सावधान रहें। यह ग्रहण वृश्चिक राशि पर बहुत बुरा प्रभाव डालेगा। किसी ख्याति प्राप्त व्यक्ति की रहस्यात्मक मृत्यु भी हो सकती है। 21 जून को सूर्य ग्रहण पर एक साथ छह ग्रह बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु वक्री रहेंगे। ये शुभ नहीं है।
तीसरा 5 जुलाई को चंद्रग्रहण होगा। यह बड़ा परिवर्तन कारी होगा। प्राकृतिक आपदाएं, वैश्विक शक्तियां लड़ने को हावी, कुछ जगह पर आपसी लड़ाइयां होंगी। जल प्रलय का खतरा रहेगा। महेश भारद्वाज के मुताबिक इन तीन ग्रहण के कारण उथल-पुथल रहेगी। कोरोना जून और जुलाई में अपने चरम पर होगा और यह अंत समय भी होगा। ज्योतिषी अजय तैलन का मानना है कि जून माह में दो ग्रहण, एक चंद्र ग्रहण और दूसरा सूर्य ग्रहण है। जुलाई माह में एक ग्रहण जिसकी मान्यता नहीं।
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भारत में उपच्छाया मान्ध) ग्रहण की मान्यता नहीं। ग्रह गोचर पंचांग के अनुसार 5 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपच्छाया के रूप में पड़ेगा। यह ग्रहण मध्य रात्रि में 11 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा और 6 जून को 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। बताया कि इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ना ही भारत में इस ग्रहण को माना जाएगा। ये ग्रहण खुली आंखों से नहीं देखा जाएगा। दूसरे ग्रहण के रूप में सूर्य ग्रहण 21 जून को लगेगा।
जो भारत समेत दक्षिण-पूर्व यूरोप और एशिया में दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण सुबह 9 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन भारत में दोपहर 01 बजकर 38 मिनट पर होगा। ये ग्रहण आषाढ़ कृष्ण अमावस्या रविवार के दिन भारत में कहीं खंडग्रास तो कहीं कंकणाक्रति के रूप में दिखाई देगा। यह ग्रहण मेष, सिंह, कन्या, मकर के लिए शुभ, वृषक, तुला, धनु, कुम्भ के लिए मध्यम रहेगा। मिथुन, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के लिए अशुभ है। उन्हें ग्रहण के दर्शन नहीं करने चाहिए। 5 जुलाई को भी एक मान्ध चंद्र ग्रहण है। सूर्य ग्रहण से भारत समेत विश्व में ,वायु दुर्घटना, रेल, तूफान, आंधी व अन्य महामारी फैल सकती है।
ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता बताते हैं कि 5 जून से 5 जुलाई 2020 के बीच में तीन ग्रहण हैं, लेकिन मान्य एक है। 5 जून व 5 जुलाई का मान्ध चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। कोई नियम पालन नहीं होगा। केवल 21 जून के सूर्य ग्रहण ही भारत मेे दृश्य होकर पूर्ण नियम पालनीय रहेंगे। कहा जाता है जब कभी एक महीने में तीन या इस से ज्यादा ग्रहण आ जाए तो यह चिंता का विषय बनता है।
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ज्योतिष गणना पर पकड़ रखने वाले महेश भारद्वाज बताते हैं कि एक माह में तीन ग्रहण चिंता का विषय है। 5 जून को चंद्रग्रहण में शुक्र, गुरु, शनि वक्री रहेंगे। इनका अर्थव्यवस्था पर प्रभाव होगा। शेयर बाजार से जुड़े लोग सावधान रहें। यह ग्रहण वृश्चिक राशि पर बहुत बुरा प्रभाव डालेगा। किसी ख्याति प्राप्त व्यक्ति की रहस्यात्मक मृत्यु भी हो सकती है। 21 जून को सूर्य ग्रहण पर एक साथ छह ग्रह बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु वक्री रहेंगे। ये शुभ नहीं है।
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तीसरा 5 जुलाई को चंद्रग्रहण होगा। यह बड़ा परिवर्तन कारी होगा। प्राकृतिक आपदाएं, वैश्विक शक्तियां लड़ने को हावी, कुछ जगह पर आपसी लड़ाइयां होंगी। जल प्रलय का खतरा रहेगा। महेश भारद्वाज के मुताबिक इन तीन ग्रहण के कारण उथल-पुथल रहेगी। कोरोना जून और जुलाई में अपने चरम पर होगा और यह अंत समय भी होगा। ज्योतिषी अजय तैलन का मानना है कि जून माह में दो ग्रहण, एक चंद्र ग्रहण और दूसरा सूर्य ग्रहण है। जुलाई माह में एक ग्रहण जिसकी मान्यता नहीं।
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भारत में उपच्छाया मान्ध) ग्रहण की मान्यता नहीं। ग्रह गोचर पंचांग के अनुसार 5 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण उपच्छाया के रूप में पड़ेगा। यह ग्रहण मध्य रात्रि में 11 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा और 6 जून को 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। ये उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा। बताया कि इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ना ही भारत में इस ग्रहण को माना जाएगा। ये ग्रहण खुली आंखों से नहीं देखा जाएगा। दूसरे ग्रहण के रूप में सूर्य ग्रहण 21 जून को लगेगा।
जो भारत समेत दक्षिण-पूर्व यूरोप और एशिया में दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण सुबह 9 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन भारत में दोपहर 01 बजकर 38 मिनट पर होगा। ये ग्रहण आषाढ़ कृष्ण अमावस्या रविवार के दिन भारत में कहीं खंडग्रास तो कहीं कंकणाक्रति के रूप में दिखाई देगा। यह ग्रहण मेष, सिंह, कन्या, मकर के लिए शुभ, वृषक, तुला, धनु, कुम्भ के लिए मध्यम रहेगा। मिथुन, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के लिए अशुभ है। उन्हें ग्रहण के दर्शन नहीं करने चाहिए। 5 जुलाई को भी एक मान्ध चंद्र ग्रहण है। सूर्य ग्रहण से भारत समेत विश्व में ,वायु दुर्घटना, रेल, तूफान, आंधी व अन्य महामारी फैल सकती है।
ज्योतिषाचार्य आलोक गुप्ता बताते हैं कि 5 जून से 5 जुलाई 2020 के बीच में तीन ग्रहण हैं, लेकिन मान्य एक है। 5 जून व 5 जुलाई का मान्ध चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। कोई नियम पालन नहीं होगा। केवल 21 जून के सूर्य ग्रहण ही भारत मेे दृश्य होकर पूर्ण नियम पालनीय रहेंगे। कहा जाता है जब कभी एक महीने में तीन या इस से ज्यादा ग्रहण आ जाए तो यह चिंता का विषय बनता है।