फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   mob have killed the accused of gangrape in mathura

बेगुनाही की बात सुन छलक पड़े मैया के आंसू

Thu, 30 Jul 2015 12:16 AM IST
हिमांशु त्रिपाठी
हिमांशु त्रिपाठी Updated Thu, 30 Jul 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
mob have killed the accused of gangrape in mathura
‘लाला जे आंखें बहुत रोई हैं।’ इतना कहकर दो माताएं  साथ रो पड़ीं। इनका बेटा जयवीर जिस बलात्कार और हत्या के मामले में जेल काटकर अब मुकदमा लड़ रहा है उसको ललुआ ने अंजाम दिया था। उसने मंगलवार को हजारों लोगों के सामने अपने जुर्म का इकबाल किया। तीन दुराचार की घटनाएं उसने स्वीकारी तो ग्रामीण भड़क उठे और उसे पीट पीटकर मार डाला था।
विज्ञापन


परखम अड्डा से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर जयवीर का घर है। वह बुधवार को अपने ऊपर चल रहे दुराचार के मुकदमे की तारीख पर गया था और घर पर उसकी मां थीं। जयवीर ऊषा का बेटा है लेकिन उसे शांति ने गोद लिया है। ऊषा और शांति घर के बरामदे में साथ बैठ गईं। वह बोलीं कि देखो शायद अब हमाय बालक बरी होय जाएं। ‘मो पे कहां धर्यों है पैसा, सात-आठ लाख खर्च भयौ उधारी के।
विज्ञापन


अब ऊषा अपना सूना गला दिखाती हैं। फिर रो पड़ती हैं। वह कहती हैं कि मेरे सारे गहने बिक गये मुकदमे की पैरवी करते करते। ऊषा कहती हैं कि मुकद्दर की बात है, मेरो लाला ने तीन महीना की जेल काटी है। साथ में विकलांग नंदू को भी पुलिस वाले मारते पीटते ले गये थे और जेल में बंद करा दिया। नंदू घर पर कोई नहीं था, वह भी मुकदमे की तारीख पर गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऊषा और शांति कहती हैं कि यह मामला न खुलता तो
आरोपी ललुआ और सोनू बालिकाओं संग दुराचार करते रहते और हम सब आपस में ही लड़ते रहते। दोनों महिलाओं के बीच रिश्ता  देवरानी और जेठानी का है। दोनों का मानना है कि उनके बेटे के माथे पर लगा दाग धुल गया।


पांच साल पहले हुई थी ये घटना
पांच साल पूर्व छाता कोतवाली क्षेत्र की 12 साल की बालिका अपने मामा की शादी में परखम आई थी। परखम में 23 नवंबर 2010 को बालिका शादी में शामिल हुई नाच गाने के बाद जंगल को गई। उसके 10 दिन बाद बालिका का केजीएस इंटर कॉलेज के निकट बालिका का शव मिला। उसके दांत व कपडो़ं से शिनाख्त की गई। इस मामले में बालिका के पिता ने पहले अज्ञात हत्यारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में गांव परखम के युवक जयवीर पुत्र विजयपाल व नंदू पुत्र बिलंदू का नाम प्रकाश में लाया गया। उनको नामजद करा दिया। 21 मई 2011 को तीनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र लगाए गए। पुलिस ने गिरफ्तार कर दोनों को जेल भेज दिया। दोनों ने तीन महीने जेल काटी। दो अगस्त 2011 को 60 हजार की जमानत पर कोर्ट ने जमानत के आदेश किए। अब मामला सुनवाई में है। बुधवार को भी इस केस की तारीख थी।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed