फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Missing retired commissioner found from Amritsar to visit Vrindavan

आस्था का चमत्कार: वृंदावन में लापता हुए रिटायर्ड कमिश्नर मिले, परिवार ने ठाकुर जी को चिट्ठी लिख लगाई थी अर्जी

Thu, 10 Nov 2022 10:32 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, वृंदावन (मथुरा)
संवाद न्यूज एजेंसी, वृंदावन (मथुरा) Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 10 Nov 2022 10:32 PM IST
सार

परिवारीजन रिटायर्ड कमिश्नर को खोजते-खोजते थक गए तो किसी ने बताया कि यहां की व्यवस्था ठाकुर जी की चिट्ठी के माध्यम से चलती है। तब उन्होंने ठाकुर जी को चिट्ठी लिखकर अर्जी लगाई। प्रण किया कि जब तक हरि कुमार नहीं मिल जाते तब तक प्रभु सेवा नहीं करेंगे।

विज्ञापन
Missing retired commissioner found from Amritsar to visit Vrindavan
बाएं से तीसरे स्थान पर खड़े रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लगभग 12 दिन पहले पंजाब के अमृतसर से परिवार के साथ वृंदावन भ्रमण के लिए आए कस्टम विभाग के सेवानिवृत्त असिस्टेंट कमिश्नर हरि कुमार कौशिक लापता हो गए थे। वे अपना घर आश्रम में मिले हैं। उनकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी। 

विज्ञापन

परिवारीजन हरि कुमार को खोजते-खोजते थक गए तो किसी ने बताया कि यहां की व्यवस्था ठाकुर जी की चिट्ठी के माध्यम से चलती है। तब उन्होंने ठाकुर जी को चिट्ठी लिखकर हरि कुमार के लिए अपनी अर्जी लगाई। प्रण किया कि जब तक हरि कुमार नहीं मिल जाते तब तक प्रभु सेवा नहीं करेंगे। अपना घर आश्रम के लोग भी हरि कुमार की खोज में प्रयास कर ही रहे थे।

विज्ञापन

गुरुवार सुबह आठ बजे आश्रम के पदाधिकारी सुधीर शुक्ला के पास फोन आया तो वह एंबुलेंस लेकर मंडी चौराहा के पास रुक्मिणी विहार, मथुरा को निकल पड़े। सूचनादाता ने बताया कि एक बुजुर्ग व्यक्ति देखने में पढ़ा-लिख रहा है, लेकिन वह मनोरोगी प्रतीत हो रहा है, इन्हें अपना घर में प्रवेश दे दें।

जब बुजुर्ग को वृंदावन के अपना घर आश्रम लाकर भोजन दवा इत्यादि देकर पहचान कराई गई तो पता चला वह तो कस्टम विभाग के एडिशनल कमिश्नर रहे हरि कुमार कौशिक हैं। पत्नी मधुबाला कौशिक और बेटी गुंजन उन्हें ढूंढने अपना घर आईं थीं। सुधीर शुक्ला ने परिवार से संपर्क कर उन्हें अवगत कराया कि कौशिक को अपना घर में रेस्क्यू कर लाया गया।

विज्ञापन

जैसे ही उन्होंने यह सुना कि उनके पिता अपना घर में हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा और 20 मिनट में अपना घर आश्रम उन्हें लेने के लिए पहुंच गए। आश्रम में आते ही एक दूसरे को देखते ही बिटिया और पत्नी हरि कुमार से लिपट लिपटकर रोने लगीं। कागजी कार्रवाई पूर्ण करने के बाद हरि कुमार कौशिक को उनके सुपुर्द कर दिया। इस मौके पर आचार्य नागेंद्र महाराज एवं कार्यालय प्रभारी योगेश शर्मा, विवेक पाठक भी थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed