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Mathura News: जीएसटी दरों में बदलाव से मध्यम वर्ग के व्यापारी भरेंगे उड़ान
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मथुरा। जीएसटी काउंसिल के ताजा फैसले ने मध्यम वर्ग के व्यापारियों और कपड़ा उद्योग को आंशिक राहत दी है। अब एक हजार रुपये से 2499 रुपये तक की कीमत वाले रेडीमेड कपड़े मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी में उपलब्ध होंगे। वहीं 2500 रुपये से अधिक कीमत के सभी रेडीमेड कपड़ों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा। इससे मध्य वर्ग के व्यापारी उड़ान भरेंगे।
व्यापारियों ने बताया कि इस बदलाव से खासकर मध्य वर्ग ग्राहकों और मध्यम स्तर के व्यापारियों को सीधी राहत मिलेगी। पहले महंगे कपड़ों पर टैक्स की दरें अधिक होने से बिक्री प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब 1000 से 2499 रुपये तक की श्रेणी में आने वाले कपड़ों की खपत बढ़ने की संभावना हैं। यह निर्णय छोटे और मध्यम व्यापारियों के कारोबार को गति देगा। रेडीमेड गारमेंट्स की मांग बढ़ने से बाजार में रौनक लौटेगी और उत्पादन इकाइयों को भी फायदा पहुंचेगा।
हालांकि 2500 रुपये से अधिक कीमत वाले ब्रांडेड कपड़ों पर टैक्स 18 प्रतिशत ही रहने से इस श्रेणी में ग्राहक वर्ग पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसी तरह अन्य व्यापारियों का मानना है कि कपड़ा उद्योग लंबे समय से जीएसटी दरों में राहत की मांग कर रहा था। सरकार के इस कदम से त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर मध्य वर्ग के व्यापारी पर पड़ेगा।
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क्या बोले व्यापारी
सरकार ने 2499 रुपये तक के कपड़ों पर 5 प्रतिशत जीएसटी रखकर थोड़ी राहत दी है, लेकिन 2500 रुपये से ऊपर के कपड़ों पर 18 प्रतिशत टैक्स से परेशानी भी हो सकती है। इससे व्यापारियों को स्टाक और बिलिंग का अलग-अलग हिसाब रखना पड़ेगा।
-अजय चतुर्वेदी, महानगर अध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
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जीएसटी स्लैब में बदलाव से सरकार ने मध्य वर्ग के व्यापारियों को राहत दी है। 2500 रुपये तक के बाहर से आने वाले रेडीमेड कपड़े सस्ते हो जाएंगे। यह कदम मध्य वर्ग के व्यापारियों को कारोबार बढ़ाने में मदद करेगा।
-महेंद्र राजपूत महानगर अध्यक्ष, पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल
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सरकार के इस बदलाव के बाद रेडीमेड कपड़े मात्र पांच प्रतिशत जीएसटी में उपलब्ध होंगे। यह उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों के लिए भी लाभकारी होगा। त्योहारी सीजन में जमकर खरीदारी होगी और कारोबार उड़ान भरेगा।
-- शशि भानु गर्ग, महामंत्री, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
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जीएसटी दर कम होने से रेडीमेड कपड़ों पर मांग बढ़ेगी और बाजारों में रौनक लौटेगी। इससे मध्य वर्ग के व्यापारियों के साथ-साथ उत्पादन इकाइयों को भी फायदा होगा। कपड़ा उद्योग लंबे समय से जीएसटी दरों पर राहत की मांग कर रहा था।
राजेश गोयल, महानगर महामंत्री उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
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व्यापारियों ने बताया कि इस बदलाव से खासकर मध्य वर्ग ग्राहकों और मध्यम स्तर के व्यापारियों को सीधी राहत मिलेगी। पहले महंगे कपड़ों पर टैक्स की दरें अधिक होने से बिक्री प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब 1000 से 2499 रुपये तक की श्रेणी में आने वाले कपड़ों की खपत बढ़ने की संभावना हैं। यह निर्णय छोटे और मध्यम व्यापारियों के कारोबार को गति देगा। रेडीमेड गारमेंट्स की मांग बढ़ने से बाजार में रौनक लौटेगी और उत्पादन इकाइयों को भी फायदा पहुंचेगा।
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हालांकि 2500 रुपये से अधिक कीमत वाले ब्रांडेड कपड़ों पर टैक्स 18 प्रतिशत ही रहने से इस श्रेणी में ग्राहक वर्ग पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसी तरह अन्य व्यापारियों का मानना है कि कपड़ा उद्योग लंबे समय से जीएसटी दरों में राहत की मांग कर रहा था। सरकार के इस कदम से त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर मध्य वर्ग के व्यापारी पर पड़ेगा।
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क्या बोले व्यापारी
सरकार ने 2499 रुपये तक के कपड़ों पर 5 प्रतिशत जीएसटी रखकर थोड़ी राहत दी है, लेकिन 2500 रुपये से ऊपर के कपड़ों पर 18 प्रतिशत टैक्स से परेशानी भी हो सकती है। इससे व्यापारियों को स्टाक और बिलिंग का अलग-अलग हिसाब रखना पड़ेगा।
-अजय चतुर्वेदी, महानगर अध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
जीएसटी स्लैब में बदलाव से सरकार ने मध्य वर्ग के व्यापारियों को राहत दी है। 2500 रुपये तक के बाहर से आने वाले रेडीमेड कपड़े सस्ते हो जाएंगे। यह कदम मध्य वर्ग के व्यापारियों को कारोबार बढ़ाने में मदद करेगा।
-महेंद्र राजपूत महानगर अध्यक्ष, पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल
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सरकार के इस बदलाव के बाद रेडीमेड कपड़े मात्र पांच प्रतिशत जीएसटी में उपलब्ध होंगे। यह उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों के लिए भी लाभकारी होगा। त्योहारी सीजन में जमकर खरीदारी होगी और कारोबार उड़ान भरेगा।
जीएसटी दर कम होने से रेडीमेड कपड़ों पर मांग बढ़ेगी और बाजारों में रौनक लौटेगी। इससे मध्य वर्ग के व्यापारियों के साथ-साथ उत्पादन इकाइयों को भी फायदा होगा। कपड़ा उद्योग लंबे समय से जीएसटी दरों पर राहत की मांग कर रहा था।
राजेश गोयल, महानगर महामंत्री उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल