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Mathura News: दिवाली से पहले बिगड़ी मथुरा की हवा, 166 पहुंचा एक्यूआई
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देर रात्रि लक्ष्मी नगर पुल पर धुंध के बीच होकर गुजरते वाहन।
मथुरा। दिवाली से पहले मथुरा की हवा खराब हो रही है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 166 पहुंच गया, जो बेहद चिंताजनक है। सुबह हर तरफ धुंध नजर आई, जिससे सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ गई है। दिवाली पर पटाखों के प्रदूषण के चलते हालात और भी खराब हो सकते हैं।
मौसम बदलने के साथ ही मथुरा की हवा में प्रदूषण भी बढ़ने लगा है। धूल के कणों और प्रदूषण के कारण सुबह और शाम आसमान में धुंध नजर आ रही है। ऐसे में दिवाली से पहले ही प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि बुधवार को एक्यूआई 166 रहने के चलते लोगों को परेशानी हुई। सांस के रोगियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। जिला अस्पताल में 70 से अधिक मरीज ऐसे पहुंचे, जो दमा या अन्य किसी सांस से संबंधित रोग से पीड़ित थे। उन्हें उपचार के साथ ही चिकित्सकों ने सावधानी बरतने की सलाह दी।
दिवाली पर हालात और भी खराब होने की आशंका है। दरअसल दीपोत्सव पर दो से तीन दिन तक जमकर आतिशबाजी की जाती है। इससे कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ जाता है। पूर्वानुमान के अनुसार इससे एक्यूआई ढाई सौ तक पहुंच सकता है, जो बेहद हानिकारक है।
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बुजुर्ग बरतें विशेष एहतियात
जिला अस्पताल के फिजीशियन रवि माहेश्वरी ने बताया कि यह मौसम बच्चे और बुजुर्गों के लिए बेहद एहतियात बरतने वाला है। उन्होंने बताया कि एक तरफ जहां सुबह और शाम को सर्दी पड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ हवा में भी प्रदूषण बढ़ गया है। इससे बचने के लिए सुबह और शाम की सैर बंद करना ही बेहतर होगा। साथ ही हल्का और पौष्टिक आहार लें। ऐसे लोग जिनका उपचार चल रहा है, वह नियमित दवाएं लेते रहें।
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मौसम बदलने के साथ ही मथुरा की हवा में प्रदूषण भी बढ़ने लगा है। धूल के कणों और प्रदूषण के कारण सुबह और शाम आसमान में धुंध नजर आ रही है। ऐसे में दिवाली से पहले ही प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि बुधवार को एक्यूआई 166 रहने के चलते लोगों को परेशानी हुई। सांस के रोगियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। जिला अस्पताल में 70 से अधिक मरीज ऐसे पहुंचे, जो दमा या अन्य किसी सांस से संबंधित रोग से पीड़ित थे। उन्हें उपचार के साथ ही चिकित्सकों ने सावधानी बरतने की सलाह दी।
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दिवाली पर हालात और भी खराब होने की आशंका है। दरअसल दीपोत्सव पर दो से तीन दिन तक जमकर आतिशबाजी की जाती है। इससे कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ जाता है। पूर्वानुमान के अनुसार इससे एक्यूआई ढाई सौ तक पहुंच सकता है, जो बेहद हानिकारक है।
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बुजुर्ग बरतें विशेष एहतियात
जिला अस्पताल के फिजीशियन रवि माहेश्वरी ने बताया कि यह मौसम बच्चे और बुजुर्गों के लिए बेहद एहतियात बरतने वाला है। उन्होंने बताया कि एक तरफ जहां सुबह और शाम को सर्दी पड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ हवा में भी प्रदूषण बढ़ गया है। इससे बचने के लिए सुबह और शाम की सैर बंद करना ही बेहतर होगा। साथ ही हल्का और पौष्टिक आहार लें। ऐसे लोग जिनका उपचार चल रहा है, वह नियमित दवाएं लेते रहें।