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मथुरा: कान्हा की नगरी में सड़कों पर दिखा सन्नाटा
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मथुरा/वृंदावन। कोरोना के प्रभाव को कम करने के लिए सप्ताहांत कर्फ्यू शनिवार को शुरू हो गया। इसके पहले दिन भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला भूमि में सड़कों पर पूरी तरह से सन्नाटा रहा। मंदिरों की नगरी वृंदावन में लोग घरों से बाहर नहीं निकले तो मथुरा में लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को चालान की कार्रवाई से सबक सिखाया।
कोरोना की महामारी को लेकर सरकार का शिकंजा निरंतर कसता जा रहा है। सबसे पहले रविवार का लॉकडाउन घोषित किया। इसके बाद इसे दो दिन कर दिया गया। इस बार तीन दिवसीय है। शनिवार को होलीगेट, छत्ता बाजार, सदर, कृष्णापुरी, भरतपुरगेट, डींगगेट के आसपास लोगों का आवागमन नजर आया। कृष्णानगर, धौलीप्याऊ में भी सड़कों पर लोग इधर से उधर चहलकदमी करते हुए दिखाई दिए।
मेडिकल की दुकानों पर भीड़ लगी रही। कुछ स्थानों पर पुलिस ने इस स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस और प्रशासनिक अफसर सड़कों पर वाहनों से निगरानी करते रहे।
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वृंदावन में पूरी तरह से खामोशी रही। सड़कों पर सन्नाटा रहा। यहां तक कि मंदिरों के आसपास भी पूरा सन्नाटा था। प्रात:काल अवश्य नित दर्शन वालों की मौजूदगी मंदिरों के पास नजर आई। इसके बाद दिन भर मंदिरों की नगरी की मुख्य सड़के खाली पड़ी रहीं। दूध, सब्जी आदि आवश्यक वस्तुओं के लिए अवश्य सुबह-शाम कुछ हलचल लोगों की दिखाई दी। विद्यापीठ चौराहा, हरिनिकुंज चौराहा, निगम चौराहा, प्रेम मंदिर चौराहा, परिक्रमा मार्ग पूरी तरह से खाली रहे। पिछले करीब एक पखवाड़े से वृंदावन में बाहरी श्रद्धालुओं की मौजूदगी न होने के कारण स्थानीय लोगों की गतिविधियां ठहर गई हैं।
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कोरोना की महामारी को लेकर सरकार का शिकंजा निरंतर कसता जा रहा है। सबसे पहले रविवार का लॉकडाउन घोषित किया। इसके बाद इसे दो दिन कर दिया गया। इस बार तीन दिवसीय है। शनिवार को होलीगेट, छत्ता बाजार, सदर, कृष्णापुरी, भरतपुरगेट, डींगगेट के आसपास लोगों का आवागमन नजर आया। कृष्णानगर, धौलीप्याऊ में भी सड़कों पर लोग इधर से उधर चहलकदमी करते हुए दिखाई दिए।
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मेडिकल की दुकानों पर भीड़ लगी रही। कुछ स्थानों पर पुलिस ने इस स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस और प्रशासनिक अफसर सड़कों पर वाहनों से निगरानी करते रहे।
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वृंदावन में पूरी तरह से खामोशी रही। सड़कों पर सन्नाटा रहा। यहां तक कि मंदिरों के आसपास भी पूरा सन्नाटा था। प्रात:काल अवश्य नित दर्शन वालों की मौजूदगी मंदिरों के पास नजर आई। इसके बाद दिन भर मंदिरों की नगरी की मुख्य सड़के खाली पड़ी रहीं। दूध, सब्जी आदि आवश्यक वस्तुओं के लिए अवश्य सुबह-शाम कुछ हलचल लोगों की दिखाई दी। विद्यापीठ चौराहा, हरिनिकुंज चौराहा, निगम चौराहा, प्रेम मंदिर चौराहा, परिक्रमा मार्ग पूरी तरह से खाली रहे। पिछले करीब एक पखवाड़े से वृंदावन में बाहरी श्रद्धालुओं की मौजूदगी न होने के कारण स्थानीय लोगों की गतिविधियां ठहर गई हैं।